गोरखपुर में आयोजित रोइंग चैंपियनशिप के समापन समारोह में सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और यूपी में मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बना है। रामगढ़ताल अब गंदगी और अपराध से निकलकर अंतरराष्ट्रीय जलक्रीड़ा केंद्र बन चुका है।
गोरखपुर की ऐतिहासिक रामगढ़ताल की शांत लहरें उस समय तालियों और उत्साह से गूंज उठीं, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकसित हुए “शानदार स्पोर्ट्स इकोसिस्टम” की खुलकर सराहना की।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 से 12 वर्षों में भारत ने खेलों के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में भी खेलों का ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है। स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र, खेल मैदान और आधुनिक सुविधाएं अब राज्य के हर कोने में विकसित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आज गांव-गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर आधुनिक स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
रामगढ़ताल बना बदलाव की मिसाल
सीएम योगी ने अपने संबोधन में रामगढ़ताल के परिवर्तन को एक बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यह क्षेत्र गंदगी और अपराध के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यही स्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का केंद्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि रामगढ़ताल में न केवल राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं, बल्कि यहां कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए राष्ट्रीय महिला टीम का प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया है। यह यूपी में खेलों के बढ़ते स्तर का प्रमाण है।
खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए दिया जीवन मंत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है। उन्होंने प्रसिद्ध कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा—
“लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।”

उन्होंने आगे कहा कि जीवन का मूल मंत्र “चरैवेति-चरैवेति” है, यानी चलते रहो, आगे बढ़ते रहो और किसी भी परिस्थिति से हार मत मानो। उनके इस संदेश पर मैदान में मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया।
खेल नीति और रोजगार पर बड़ा दावा
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों के मुकाबले वर्तमान सरकार ने एक मजबूत खेल नीति बनाई है। उन्होंने बताया कि अब तक 534 पदक विजेता खिलाड़ियों को पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों में सीधी भर्ती देकर नौकरी दी गई है। साथ ही 500 और खिलाड़ियों को जल्द ही नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह कदम खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन प्रधानमंत्री के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” विजन को आगे बढ़ाने का उदाहरण है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में रोइंग और अन्य जलक्रीड़ा तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। सरकार स्पोर्ट्स साइंस, डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है ताकि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

यूपी बनेगा वाटर स्पोर्ट्स हब
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती और अन्य नदियों के कारण वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि बलिया, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर और कानपुर जैसे शहरों में भी वाटर स्पोर्ट्स को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रामगढ़ताल रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग जैसे खेलों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
विजेताओं का सम्मान और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबलों का अवलोकन भी किया और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने विजेता टीमों को ट्रॉफी और पदक प्रदान किए। बालिका वर्ग में मध्य प्रदेश और बालक वर्ग में आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता।

इस अवसर पर खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, सांसद रविकिशन शुक्ल, कई मंत्री, विधायक और खेल संघों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
गोरखपुर का यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में खेल क्रांति के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया है। रामगढ़ताल अब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि भारत के खेल भविष्य की चमकती हुई पहचान बनता जा रहा है।
COMMENTS