प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने, पेट्रोल बचाने और विदेश यात्राएं कम करने की अपील की। पीएम की इस सलाह पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला और इसे सरकार की नाकामी करार दिया। दोनों नेताओं के बयान के बाद देश की राजनीति गरमा गई है।
देश में बढ़ती वैश्विक चिंताओं और ईरान युद्ध के असर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील ने राजनीतिक हलकों में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेश यात्राएं टालने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की भी बात कही।
प्रधानमंत्री की इस अपील के कुछ ही घंटों बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह कोई सलाह नहीं बल्कि सरकार की नाकामी का प्रमाण है। उनके बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच नया सियासी संग्राम शुरू हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की जनसभा में कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए देशवासियों को कुछ समय तक संयम बरतने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें। इसके साथ ही उन्होंने ईंधन की बचत करने और गैरजरूरी विदेश यात्राओं को कम करने की सलाह दी।

पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोविड काल में देश ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को तेजी से अपनाया था। अब समय की मांग है कि उन व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दी जाए ताकि ईंधन की खपत कम हो और संसाधनों की बचत हो सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ईरान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी आई है और कई देशों की अर्थव्यवस्था दबाव में है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आम जनता को राहत देने के लिए कदम उठा रही है।
उन्होंने किसानों को मिलने वाली सब्सिडी का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में खाद की एक बोरी करीब 3000 रुपए में बिक रही है, जबकि भारत में वही बोरी किसानों को लगभग 300 रुपए में उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार जनता और किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए लगातार आर्थिक सहायता दे रही है।
हालांकि पीएम मोदी की इस अपील पर राहुल गांधी ने बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “मोदी जी ने जनता से कहा — सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं।”

राहुल गांधी ने आगे कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया गया है कि अब सरकार जनता को यह बताने लगी है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है ताकि सरकार खुद जवाबदेही से बच सके।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।” राहुल गांधी के इस बयान के बाद सियासी माहौल और गर्मा गया है। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताया है, जबकि कांग्रेस इसे जनता की आवाज बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान युद्ध, वैश्विक महंगाई और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार पहले से ही सतर्क दिखाई दे रही है। पीएम मोदी की अपील को आने वाले आर्थिक दबावों की चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष इसे आर्थिक प्रबंधन की विफलता से जोड़कर सरकार को घेरने में जुट गया है।
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी की अपील और राहुल गांधी के पलटवार ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा किस दिशा में जाता है और जनता इस पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।
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