अभिनेत्री स्वरा भास्कर की जौहर पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद थमने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। वायरल अंग्रेजी क्लिप के बाद स्वरा ने अनुवाद की गलती बताते हुए सफाई दी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने उनकी सफाई को खारिज करते हुए तत्काल माफी मांगने को कहा है। वकील ने चेतावनी दी कि माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जौहर पर अभिनेत्री स्वरा भास्कर की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ सोशल मीडिया की बहस तक सीमित नहीं दिख रहा। एक तरफ स्वरा भास्कर अपने वायरल अंग्रेजी बयान को लेकर सफाई दे रही हैं और कह रही हैं कि उनकी बात का गलत अनुवाद किया गया। दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अमिता सचदेवा ने उनकी सफाई पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
वकील ने साफ शब्दों में कहा है कि स्वरा को माफी मांगनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाया जाएगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया जवाब में यह भी लिखा कि 'हम सिर्फ कहते नहीं हैं, हम कार्रवाई करते हैं।'
आखिर स्वरा भास्कर ने ऐसा क्या कहा था?
विवाद की शुरुआत उस अंग्रेजी क्लिप से हुई, जिसमें स्वरा भास्कर जौहर की प्रथा पर अपनी राय रखती नजर आईं। आरोप है कि उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी से अपनी मर्यादा बचाने के लिए रानी पद्मावती और उनके साथ जौहर करने वाली महिलाओं के फैसले को 'कायरतापूर्ण' बताया।
बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर स्वरा भास्कर को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। रानी पद्मावती, चित्तौड़गढ़ और जौहर को भारतीय इतिहास तथा राजपूत महिलाओं के बलिदान से जोड़कर देखने वाले लोगों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
विवाद बढ़ा तो स्वरा भास्कर ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने हिंदी में एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि उन्होंने जो बात कही थी, वह अंग्रेजी में थी और कुछ लोगों ने उसका सही अनुवाद नहीं किया। उनका कहना था कि अनुवाद के दौरान उनकी बात का अर्थ बदल गया और 'गुड़-गोबर' कर दिया गया। उन्होंने इस पूरे विवाद के लिए मीडिया पर भी सवाल उठाए।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
स्वरा की सफाई पर वकील ने उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अमिता सचदेवा ने स्वरा भास्कर की सफाई वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब देते हुए उनकी दलील को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि स्वरा को फिल्म पद्मावत और उसमें दिखाई गई ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी थी।
वकील ने कहा कि स्वरा जानती थीं कि फिल्म में रानी पद्मावती और चित्तौड़ की उन महिलाओं की वीरता और बलिदान को दिखाया गया है, जिन्होंने पकड़े जाने और अपमानित होने की स्थिति के बजाय जौहर का रास्ता चुना।
अमिता सचदेवा के मुताबिक, इसलिए इसे महज किसी 'कंफ्यूजन' या अनुवाद की गलती बताकर खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि 'वह कंफ्यूजन नहीं था। वह चुना गया था।'

वकील ने स्वरा भास्कर पर यह भी आरोप लगाया कि वह माफी मांगने के बजाय अनुवाद की गलती का तर्क दे रही हैं। उनके मुताबिक लोगों ने स्वरा की मूल बात सुनी है और वे यह समझने में सक्षम हैं कि उन्होंने किस संदर्भ में रानी पद्मावती और जौहर का उल्लेख किया था।
अमिता सचदेवा ने यह सवाल भी उठाया कि यदि स्वरा का वास्तविक उद्देश्य रेप पीड़िताओं के अधिकार और उनके जीने के हक की बात करना था, तो इसके लिए रानी पद्मावती और जौहर को चर्चा में लाने की जरूरत ही क्या थी?
उनका तर्क है कि इस बात को बिना ऐतिहासिक पात्र और जौहर की घटना का संदर्भ दिए भी कहा जा सकता था।
'हर किसी की समझ का अपमान मत कीजिए'
सुप्रीम कोर्ट की वकील ने अपनी प्रतिक्रिया में स्वरा से बहाने बनाने के बजाय माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में बयान का आशय कुछ और था तो स्वरा को स्पष्ट रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की समझ को कमतर आंकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
यानी अब विवाद का अगला सवाल यही है—क्या स्वरा भास्कर अपनी टिप्पणी को लेकर माफी मांगेंगी या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगी?
विवाद अब कानूनी मोड़ की ओर?
अमिता सचदेवा ने खुद को सनातन धर्म के अपमान से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई का संकल्प लेने वाली वकील के तौर पर पेश किया है। उन्होंने स्वरा को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तत्काल माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कदम उठाया जाएगा।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आगे वास्तव में कौन-सी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी और किस प्रावधान के तहत कार्रवाई होगी। फिलहाल मामला बयान, सफाई और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के स्तर पर है।
एक तरफ स्वरा भास्कर कह रही हैं कि उनकी अंग्रेजी बात का गलत अनुवाद हुआ, तो दूसरी तरफ वकील का दावा है कि मूल बयान और उसका संदर्भ साफ है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और किस दिशा में जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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