दिल्ली पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ Operation Kavach-15.0 के तहत 1,708 स्थानों पर व्यापक कार्रवाई की। 48 घंटे के अभियान और उसके बाद पांच दिन की फॉलो-अप कार्रवाई में 256 नारको-ऑफेंडर्स गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने 214 NDPS मामले दर्ज कर भारी मात्रा में गांजा, स्मैक/हेरोइन, कोकीन, MDMA, चरस और अन्य नशीली दवाएं बरामद कीं। इसके अलावा 15 घोषित अपराधियों और NDPS मामलों से जुड़े 7 वांछित/फरार आरोपियों को भी पकड़ा गया।
दिल्ली में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया है। इस बार कार्रवाई सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। Operation Kavach-15.0 के तहत दिल्ली पुलिस की विभिन्न यूनिटों ने 1,708 स्थानों पर छापेमारी और जांच की।
इस कार्रवाई का मकसद केवल नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि ड्रग सप्लाई के पूरे नेटवर्क को तलाशना, आरोपियों के आगे और पीछे के कनेक्शन खंगालना तथा नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक लेनदेन तक पहुंचना भी रहा।
48 घंटे का ऑपरेशन, फिर पांच दिन तक फॉलो-अप
दिल्ली पुलिस के मुताबिक मुख्य अभियान 24 सितंबर 2026 शाम 6 बजे से 26 सितंबर शाम 6 बजे तक 48 घंटे चला। इसके बाद कार्रवाई को रोकने के बजाय 26 सितंबर शाम 6 बजे से 1 अक्टूबर शाम 6 बजे तक फॉलो-अप अभियान जारी रखा गया।
दिल्ली के सभी जिलों और ऑपरेशनल यूनिटों के अलावा क्राइम ब्रांच, ANTF और स्पेशल सेल को भी अभियान में शामिल किया गया।
पुलिस टीमों ने मानव खुफिया जानकारी, आपराधिक रिकॉर्ड के सत्यापन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संभावित आरोपियों की पहचान की। इसके बाद चिन्हित स्थानों पर एक साथ छापेमारी और चेकिंग की गई।
214 NDPS केस, 256 आरोपी गिरफ्तार
Operation Kavach-15.0 के दौरान कुल 214 NDPS मामले दर्ज किए गए और 256 नारको-ऑफेंडर्स को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में एक CCL यानी Child in Conflict with Law भी शामिल है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में अलग-अलग प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए। बरामदगी में सबसे अधिक मात्रा गांजे की रही।
पुलिस के अनुसार कुल बरामदगी में शामिल हैं—
- 111.748 किलोग्राम गांजा
- 3.959 किलोग्राम स्मैक/हेरोइन
- 107.43 ग्राम कोकीन
- 684.22 ग्राम MDMA
- 1.057 किलोग्राम चरस
- 55 टैबलेट एम्फेटामाइन
- 1,827 टैबलेट अल्प्राजोलम
- 162 टैबलेट ब्यूप्रेनॉर्फिन
- 8,026 कैप्सूल ट्रामाडोल
- 104 ग्राम मॉर्फिन
- 327 इंजेक्शन फेनिरामाइन
- 10 टैबलेट फेनिरामाइन
- इसके अलावा अन्य नशीली दवाएं भी बरामद की गईं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 23,28,585 रुपये नकद बरामद किए। यह रकम ड्रग नेटवर्क से जुड़े संभावित वित्तीय लेनदेन की जांच के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सिर्फ ड्रग पेडलर नहीं, पूरे नेटवर्क पर नजर
दिल्ली पुलिस के मुताबिक Operation Kavach को केवल नशे के छोटे विक्रेताओं या पेडलर्स तक सीमित नहीं रखा गया। अभियान के दौरान सप्लायर, ट्रैफिकर और संगठित ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया।
पुलिस ने NDPS मामलों में आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच पर विशेष जोर दिया। यानी यह पता लगाने की कोशिश की गई कि नशीले पदार्थ आरोपियों तक कहां से पहुंचे और आगे इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पैसों के नेटवर्क की भी जांच
इस अभियान में वित्तीय जांच को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। पुलिस टीमों ने कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े लाभार्थी और म्यूल बैंक खातों, SIM कार्ड, डिजिटल डिवाइस और अन्य संबंधित इकाइयों की पहचान और सत्यापन पर काम किया।
पुलिस का फोकस ड्रग कारोबार से हासिल संभावित रकम और संपत्तियों का पता लगाने, उनकी रिकवरी या फ्रीजिंग तथा आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने पर भी रहा।
यानी इस बार कार्रवाई का दायरा केवल नशीले पदार्थ जब्त करने तक नहीं, बल्कि उस पैसे और डिजिटल नेटवर्क तक पहुंचने तक रखा गया, जिसके जरिए कथित तौर पर ड्रग कारोबार चलाया जा रहा था।
15 घोषित अपराधी और 7 फरार आरोपी भी पकड़े गए
Operation Kavach-15.0 के दौरान NDPS मामलों से जुड़े आरोपियों के अलावा 15 Proclaimed Offenders को भी गिरफ्तार या पकड़ा गया।
इसके साथ ही NDPS मामलों में शामिल 7 वांछित, छूटे हुए या फरार आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 140 Bad Characters और History-Sheeters को भी चेक किया। इनमें से नशीली गतिविधियों में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
दिल्ली पुलिस की आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार Operation Kavach एक विशेष, समय-समय पर चलाया जाने वाला केंद्रित अभियान है। इसका उद्देश्य राजधानी में नशीले पदार्थों की सप्लाई और उससे जुड़े नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाए रखना है।
इस अभियान में आगे भी अंतरराज्यीय और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, खुफिया जानकारी का विकास, फरार आरोपियों की तलाश, वित्तीय जांच और ड्रग कारोबार से जुड़े नेटवर्क की पहचान पर जोर रहेगा।
Operation Kavach-15.0 के आंकड़े बताते हैं कि कार्रवाई का दायरा इस बार काफी व्यापक रहा। अब जांच एजेंसियों के सामने अगली चुनौती बरामद नशीले पदार्थों के स्रोत, इनके संभावित खरीदारों और सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की है। यही जांच आने वाले दिनों में राजधानी के कथित ड्रग नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने ला सकती है।
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