सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में यूपी STF ने कथित अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 425 जिंदा कारतूस, कई फैक्ट्री मेड हथियार, तमंचा, तलवार, दो मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो बरामद हुई है। STF के मुताबिक आरोपी अमृतसर से हथियार खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे।
सहारनपुर में अंधेरा होने से पहले एक आम के बाग में खड़ी काली स्कॉर्पियो पर STF की नजर पड़ी। गाड़ी पर आगे और पीछे नंबर प्लेट नहीं थी और अंदर कई लोग मौजूद थे। STF को सूचना मिली थी कि इसी गाड़ी में अवैध हथियार और कारतूस रखे हैं और कथित तौर पर इनकी खरीद-फरोख्त की तैयारी चल रही है।
इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में जो सामान मिला, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया।
मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र का है, जहां 1 अक्टूबर 2026 की शाम STF मेरठ फील्ड यूनिट ने कार्रवाई की। STF के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की कथित सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं।
एक स्कॉर्पियो, तीन आरोपी और हथियारों का जखीरा
STF के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असद पुत्र शोएब खान, निवासी मोहल्ला पिलखनतला, थाना मंडी, सहारनपुर, इकराम पुत्र सुल्तान, निवासी बड़ी माहेश्वरी, थाना चिलकाना, सहारनपुर और दानिश पुत्र असलम खान, निवासी नकुड़, सहारनपुर के रूप में हुई है।
कार्रवाई बिजलीघर तिराहे से शेरपुर पैलो जाने वाले रास्ते पर, रजवाहे की पुलिया से पहले स्थित आम के बाग के पास शाम करीब 6:40 बजे की गई।
STF के मुताबिक आरोपियों के पास से एक 12 बोर पंप एक्शन गन, दो 12 बोर फैक्ट्री मेड बंदूकें, एक 315 बोर बंदूक, तीन फैक्ट्री मेड एयर गन, एक तलवार और एक 12 बोर तमंचा बरामद किया गया।
सबसे बड़ी बरामदगी 425 जिंदा 12 बोर कारतूस की बताई गई है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही काले रंग की एक स्कॉर्पियो कार भी बरामद की गई।
मुखबिर की सूचना पर STF ने बिछाया जाल
STF के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं पिछले कुछ दिनों से मिल रही थीं। इसके बाद STF की विभिन्न टीमों को सूचना जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
मेरठ STF फील्ड यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और उपनिरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम सूचना जुटा रही थी।
1 अक्टूबर को उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, हेड कांस्टेबल रकम सिंह, हेड कांस्टेबल लोकेश भाटी, हेड कांस्टेबल प्रदीप धनकड़, कांस्टेबल विशाल चिकारा और चालक आरक्षी सुधीर कुमार मिर्जापुर थाना क्षेत्र में मौजूद थे।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बिना नंबर प्लेट वाली काली स्कॉर्पियो में 3-4 लोग हथियार लेकर आम के बाग में मौजूद हैं और कथित तौर पर अवैध हथियार बेचने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस को जानकारी दी गई और STF टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अमृतसर कनेक्शन का दावा
STF के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे पंजाब के अमृतसर स्थित मरहटठा गन हाउस से हथियार और कारतूस खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में सप्लाई करते थे।
STF के अनुसार आरोपियों ने दावा किया कि एक बंदूक को अमृतसर से करीब 30 से 40 हजार रुपये में खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80 हजार से एक लाख रुपये तक में बेचते थे।
पूछताछ के मुताबिक यह गतिविधि करीब दो वर्षों से चल रही थी और आरोपी सहारनपुर, शामली तथा आसपास के जिलों में पहले भी हथियार बेच चुके हैं। STF का कहना है कि जिस समय तीनों को पकड़ा गया, उस वक्त भी वे हथियार बेचने की योजना बना रहे थे।
असद को लेकर भी सामने आई जानकारी
STF के अनुसार आरोपी असद मूल रूप से ग्राम माहेश्वरी कलां, थाना मिर्जापुर का रहने वाला है और सहारनपुर में भी उसका मकान है। STF के मुताबिक गांव में उसकी करीब 200 बीघा जमीन और पुश्तैनी मकान है, जहां वह दूध डेयरी भी चलाता है।
पूछताछ में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि दानिश असद की गाड़ी चलाता है और पिछले करीब दो वर्षों से उसके साथ हथियारों की तस्करी में शामिल होने की बात सामने आई है। वहीं इकराम को असद का नौकर बताया गया है, जो उसके घर और डेयरी पर काम करता था।
इन बयानों और आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होगी।
मरहटठा गन हाउस पर पहले भी STF की कार्रवाई
STF ने इस मामले में अमृतसर के मरहटठा गन हाउस का पुराना कनेक्शन भी बताया है। STF के मुताबिक इसी गन हाउस से हथियार खरीदकर तस्करी करने के मामले में अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी को 20 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद मरहटठा गन हाउस अमृतसर के मालिक शेजपाल सिंह को 5 मार्च 2025 को STF ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
अब सहारनपुर में हुई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटेंगी कि बरामद हथियार कहां सप्लाई किए जाने थे और इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
आर्म्स एक्ट और BNS के तहत मुकदमा
तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना मिर्जापुर, सहारनपुर में मु0अ0सं0 318/2026 दर्ज किया गया है। STF के अनुसार आरोपियों पर धारा 3/4/5/25/25(8) आर्म्स एक्ट और धारा 3(5) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
तीनों आरोपियों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस करेगी।
सहारनपुर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हथियारों की कथित तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच का फोकस बरामद हथियारों के स्रोत, संभावित खरीदारों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर रहेगा।
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