दिल्ली के बाहरी इलाके स्वरूप नगर में किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। तीन नाबालिगों समेत चार आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस ने दो चाकू, वारदात के समय पहने कपड़े और DL-1LAG-0257 नंबर का टेंपो बरामद किया है। 50 से अधिक CCTV फुटेज की मदद से पुलिस संदिग्ध टेंपो तक पहुंची, जिसके चालक से पूछताछ के बाद आरोपियों का सुराग मिला।
दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में एक ऐसा ब्लाइंड केस सामने आया, जिसमें शुरुआत में पुलिस के सामने मृतका की पहचान तक सबसे बड़ी चुनौती थी। सुनसान मैदान में क्षत-विक्षत हालत में मिले शव को जानवरों ने नोंच दिया था। मौके से मिले हालात ने जांच को और मुश्किल बना दिया था। लेकिन पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं और इसी दौरान एक ऐसा सुराग हाथ लगा, जिसने पूरी वारदात की दिशा बदल दी।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में तीन नाबालिगों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में शिवम उर्फ सुदामा उर्फ चुचु शामिल है, जबकि तीन आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनकी उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच बताई है। मृतका भी नाबालिग थी।
13 सितंबर की सुबह मिला था शव
मामला 13 सितंबर की सुबह सामने आया। स्वरूप नगर थाना पुलिस को कुशक रोड स्थित लाल बाउंड्री के पास जयपाल राणा के खेत के नजदीक खुले मैदान में एक क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की हालत ऐसी थी कि शुरुआती तौर पर उसकी पहचान नहीं हो सकी। जानवरों द्वारा शव को नोंचे जाने के कारण पुलिस के सामने मृतका की पहचान करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
मौके पर क्राइम टीम और फोरेंसिक साइंस टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुरुआत में मृतका की पहचान एक महिला के रूप में हुई, लेकिन बाद में पहचान होने पर सामने आया कि मृतका नाबालिग किशोरी थी।
इसके बाद पुलिस ने हत्या और कथित सामूहिक दुष्कर्म की पूरी कड़ी जोड़ने के लिए जांच तेज कर दी।
50 से ज्यादा CCTV कैमरों ने दिखाई पहली कड़ी
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त लोकेश वरन के मुताबिक, पुलिस टीम ने घटनास्थल के साथ-साथ आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआत में किसी आरोपी की स्पष्ट पहचान सामने नहीं आई।
जांच के दौरान वारदात के आसपास एक संदिग्ध टेंपो की आवाजाही दिखाई दी। अंधेरा होने की वजह से टेंपो का नंबर साफ नहीं दिखाई दे रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को जोड़ना शुरू किया।
एक कैमरे से दूसरे कैमरे तक टेंपो की आवाजाही का रूट तैयार किया गया। इसी कड़ी ने पुलिस को उस टेंपो तक पहुंचाया, जो 15 सितंबर की रात खड्डा कॉलोनी में खड़ा मिला।
पुलिस ने टेंपो के चालक की पहचान कर उससे पूछताछ की। पूछताछ के बाद जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ लिया।
टेंपो, दो चाकू और कपड़े बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो चाकू बरामद किए गए हैं। इसके अलावा घटना के समय पहने गए कपड़े और DL-1LAG-0257 नंबर का टेंपो भी पुलिस ने बरामद किया है।
फिलहाल पुलिस फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की भूमिका, घटनाक्रम की पूरी कड़ी और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
परिचित से मिलने गई थी किशोरी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशोरी एक 17 वर्षीय परिचित लड़के से मिलने गई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और बाद में अपने दोस्तों को बुलाया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद अन्य आरोपियों ने भी किशोरी के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद किशोरी को स्वरूप नगर इलाके के एक सुनसान मैदान में ले जाया गया। वहां आरोपियों ने कथित तौर पर चाकू से उस पर कई वार किए। पुलिस के मुताबिक, किशोरी के शरीर पर आठ चोटों के निशान मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि शव को पत्तियों और मिट्टी के नीचे छिपाने की कोशिश की गई थी। इसके बावजूद 13 सितंबर की सुबह शव बरामद हो गया।
शिकायत का डर बना हत्या की वजह, पुलिस के दावे की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को आशंका थी कि किशोरी घटना के बारे में शिकायत कर सकती है। इसी आशंका के चलते उसकी हत्या किए जाने का आरोप है। हालांकि वारदात की इस कड़ी से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
शुरुआत में मृतका की पहचान नहीं होना, सुनसान मैदान में शव मिलना और अंधेरे में संदिग्ध टेंपो का नंबर स्पष्ट नहीं होना—इन सबने मामले को ब्लाइंड केस बना दिया था। लेकिन 50 से अधिक CCTV फुटेज को जोड़कर पुलिस ने टेंपो का रूट तलाशा और फिर चालक तक पहुंच बनाई। चालक से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस ने 72 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का दावा किया है। अब जांच का अगला चरण यह पता लगाना है कि वारदात में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या थी और क्या इस मामले में चार गिरफ्तार आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका रही है। मामले में आगे की कार्रवाई फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
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