दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी डूसू चुनाव 2026 के लिए शुक्रवार को मतदान जारी है। 1,51,842 मतदाता अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार केंद्रीय पदों के लिए वोट डालेंगे। नॉर्थ कैंपस में सुरक्षा के लिए पुलिस ने पांच जोन और 23 सेक्टर बनाए हैं। 52 कॉलेजों और मतदान केंद्रों पर व्यवस्था की गई है। शनिवार 19 सितंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में शुक्रवार की सुबह से ही चुनावी माहौल नजर आ रहा है। पिछले कई दिनों से चले प्रचार, छात्र संगठनों की गतिविधियों और आरोप-प्रत्यारोप के बाद अब फैसला छात्रों के हाथ में है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के लिए मतदान जारी है और बड़ी संख्या में छात्र अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के आधिकारिक संस्थागत नोटिसों में भी 2026-27 डूसू चुनाव से संबंधित लगातार सूचनाएं जारी की गई हैं, जिनमें पात्रता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े निर्देश शामिल हैं।
इस बार चार केंद्रीय पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए कुल 1,51,842 मतदाता मतदान करेंगे। चुनाव में 830 बैलेट यूनिट और 281 कंट्रोल यूनिट के इस्तेमाल की व्यवस्था की गई है। कुल 52 कॉलेजों और केंद्रों पर मतदान की व्यवस्था की गई है।
नॉर्थ कैंपस में सुरक्षा की पूरी तैयारी
डूसू चुनाव के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नॉर्थ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा है। एडिशनल डीसीपी पुखराज के गुप्ता के मुताबिक, पूरे नॉर्थ कैंपस को 5 जोन और 23 सेक्टर में बांटा गया है।
हर जोन की जिम्मेदारी एसीपी स्तर के अधिकारी को दी गई है, जबकि प्रत्येक सेक्टर की निगरानी इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करेंगे। कॉलेजों के गेट और महत्वपूर्ण चेकपॉइंट पर पुलिस पिकेट और बैरिकेड लगाए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक इसका उद्देश्य बिना अनुमति प्रवेश को रोकना और मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखना है। साथ ही कैंपस को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। लोगों और वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी और मतदाता बिना अनावश्यक परेशानी के अपने मतदान केंद्र तक पहुंच सकेंगे।
कॉलेजों में आईकार्ड देखकर प्रवेश
दक्षिणी दिल्ली के कॉलेजों में भी मतदान प्रक्रिया जारी है। यहां छात्रों को मतदान केंद्र तक पहुंचने और प्रक्रिया समझने में मदद के लिए जगह-जगह वालंटियर तैनात किए गए हैं।
कॉलेज परिसरों में प्रवेश के दौरान छात्र-छात्राओं के आईकार्ड की जांच की जा रही है। मतदान के लिए कॉलेज कार्ड लाना अनिवार्य रखा गया है।
श्री अरबिंदो कॉलेज के अनुसार, सुबह 9 बजे के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ी। वहीं भगत सिंह कॉलेज में मतदान शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे के भीतर लगभग 150 मतदाताओं के वोट डालने की जानकारी सामने आई।
यानी जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहा है, मतदान केंद्रों पर छात्रों की आवाजाही भी बढ़ती जा रही है।
सुबह और शाम की शिफ्ट के छात्रों के लिए अलग समय
दिल्ली विश्वविद्यालय ने सुबह और शाम की शिफ्ट में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अलग-अलग मतदान समय निर्धारित किया है।
सुबह की शिफ्ट के छात्र सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक मतदान कर सकते हैं। वहीं शाम की शिफ्ट के छात्रों के लिए मतदान दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक जारी रहेगा।
मतदान केंद्रों पर पहचान जांच समेत जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से निर्धारित समय पर मतदान केंद्र पहुंचने और चुनावी आचार संहिता का पालन करने की अपील की है।
12 कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
मतदान के दौरान किसी तकनीकी समस्या या अन्य गड़बड़ी की स्थिति से निपटने के लिए 12 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन कंट्रोल रूम के जरिए विभिन्न मतदान केंद्रों की निगरानी की जाएगी।
किसी मतदान केंद्र से शिकायत या तकनीकी समस्या की सूचना मिलने पर संबंधित टीम को मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
चार पदों पर 20 उम्मीदवार
डूसू के चार केंद्रीय पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अध्यक्ष पद पर 7, उपाध्यक्ष पद पर 5, सचिव पद पर 4 और संयुक्त सचिव पद पर 4 उम्मीदवार हैं।
विभिन्न छात्र संगठनों ने अपने पैनल चुनाव मैदान में उतारे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एनएसयूआई की ओर से अध्यक्ष पद पर विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पर वीर चतरथ, सचिव पर नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पर गोपाल चौधरी प्रत्याशी हैं।
एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पर इशू मौर्य, सचिव पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पर लक्ष्यराज सिंह मैदान में हैं।
वहीं आइसा-एसएफआई गठबंधन की ओर से अध्यक्ष पद पर अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष पर अक्षत शिखर, सचिव पर स्टैनजिन डेसक्यॉन्ग और संयुक्त सचिव पर बी. पारीजात प्रत्याशी हैं। इसके अलावा अन्य छात्र संगठनों ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।
शनिवार को खुलेगा नतीजों का पिटारा
मतदान समाप्त होने के बाद चुनावी यूनिट और संबंधित रिकॉर्ड को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद शनिवार, 19 सितंबर को मतगणना होगी।
इसी दिन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के परिणाम घोषित किए जाएंगे। फिलहाल दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों में मतदान जारी है और सुरक्षा व्यवस्था के बीच छात्र अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं।
अब निगाहें मतदान खत्म होने के बाद होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। 1.51 लाख से अधिक मतदाताओं वाले इस छात्रसंघ चुनाव में बैलेट यूनिट से निकलने वाले आंकड़े ही तय करेंगे कि चारों केंद्रीय पदों पर किसे प्रतिनिधित्व मिलेगा।
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