गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस की जारचा थाना पुलिस ने चोरी के मामलों में एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की निशानदेही से करीब 5 लाख रुपये कीमत की 17 पानी की मोटर/समरसिबल, 21 पानी के पंखे, 20 एल्युमिनियम आर्मेचर, 2 मोटर राउटर, 4.5 किलो तांबे का तार, 5 किलो नट-बोल्ट, चोरी में इस्तेमाल औजार, एक चोरी की मोटरसाइकिल और .315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद किया गया है।
गौतमबुद्धनगर के जारचा इलाके में खेतों और सुनसान स्थानों पर लगे ट्यूबवेलों की मोटरों को निशाना बनाने वाले एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने चोरी के एक नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। थाना जारचा पुलिस के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिपांशु पुत्र मेघराज को सैंथली की मढैय्या तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही से करीब 5 लाख रुपये कीमत का चोरी का सामान बरामद हुआ। बरामदगी में बड़ी संख्या में पानी की मोटर और उनके पुर्जे शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल और अवैध हथियार बरामद करने की भी जानकारी दी है।
पहले दो वारदातों ने बढ़ाई थी पुलिस की चिंता
पुलिस के मुताबिक आरोपी पर जारचा थाना क्षेत्र में चोरी की दो घटनाओं से जुड़े मुकदमे पहले से दर्ज थे। पहली घटना 28 फरवरी 2026 की बताई गई है। पुलिस के अनुसार उस दिन सलारपुर कलां में खेत में लगी पानी की चार मोटर चोरी हुई थीं। इस मामले में थाना जारचा में मु0अ0सं0 041/2026 धारा 303(2)/117(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद 16 अगस्त 2026 को दादूपुर खटाना में नलकूप से 7.5 एचपी की बिजली की मोटर चोरी होने की घटना सामने आई। इस मामले में मु0अ0सं0 141/2026 धारा 303(2)/117(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक इन दोनों घटनाओं के सफल अनावरण के लिए टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची।
दिन में रेकी, रात में मोटर खोलकर फरार
पुलिस के अनुसार पूछताछ और जांच में आरोपी के अपराध करने का तरीका सामने आया। पुलिस का दावा है कि दिपांशु अपने एक साथी के साथ मिलकर दिन के समय गांवों और सुनसान इलाकों में लगे ट्यूबवेल तथा पानी की मोटरों की रेकी करता था।
इसके बाद रात के समय चिह्नित खेतों में पहुंचकर रिंच और दूसरे औजारों की मदद से पानी की मोटर, समरसिबल और पानी के पंखे खोलकर चोरी कर लिए जाते थे। चोरी के बाद सामान को किसी सुरक्षित स्थान पर इकट्ठा किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक मौका मिलने पर आरोपी चोरी की मोटरों और पानी के पंखों को खोलकर उनके अंदर लगे एल्युमिनियम तथा दूसरी धातुओं के पुर्जे निकालता था। मोटरों से निकाले गए तांबे के तार को भी अलग किया जाता था। पुलिस का दावा है कि इन धातुओं और दूसरे सामान को बेचकर आरोपी अवैध रूप से पैसा कमाता था।
यानी खेत में लगी पूरी मोटर को उठाकर ले जाने के बजाय उसके भीतर मौजूद कीमती धातुओं और पुर्जों को भी कमाई का जरिया बनाया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पास अवैध तमंचा और कारतूस भी रखता था।
करीब 5 लाख की बरामदगी
जारचा पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही और कब्जे से निम्न सामान बरामद किया गया है—
- चोरी की 17 पानी की मोटर/समरसिबल
- चोरी के 21 पानी के पंखे
- चोरी के 20 एल्युमिनियम आर्मेचर
- चोरी के 2 मोटर राउटर
- मोटरों के अंदर से निकाला गया 4.5 किलोग्राम तांबे का तार
- 5 किलोग्राम नट-बोल्ट
- चोरी में इस्तेमाल 1 रेती, 1 हथौड़ी और 1 प्लास
- 1 चोरी की मोटरसाइकिल, रजिस्ट्रेशन नंबर UP16DL7838
- मोटरसाइकिल का चैचिस नंबर MBLHAW125NHKC4534
- 1 तमंचा .315 बोर
- 1 जिंदा कारतूस .315 बोर
पुलिस ने बरामद चोरी के सामान की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई है।
आरोपी की पहचान और तीसरा मुकदमा
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिपांशु पुत्र मेघराज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह रोशनपुर, थाना दनकौर, गौतमबुद्धनगर का निवासी है और वर्तमान में रेलवे रोड, दादरी, थाना दादरी, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था। उसकी उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ जारचा थाने में तीन अभियोग दर्ज हैं—
- मु0अ0सं0 041/2026, धारा 303(2)/117(2) बीएनएस
- मु0अ0सं0 141/2026, धारा 303(2)/117(2) बीएनएस
- मु0अ0सं0 163/2026, धारा 117(2)/117(5) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट
तीसरा मुकदमा कथित रूप से बरामद अवैध हथियार से संबंधित धाराओं में दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद सामान को पुलिस ने पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी की इन वारदातों में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे और चोरी का सामान किन लोगों को बेचा जाता था।
खेतों में लगे ट्यूबवेल और सिंचाई की मोटर किसानों के लिए बेहद जरूरी होती हैं। ऐसे में मोटर चोरी की घटनाएं सिर्फ सामान के नुकसान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि खेती और सिंचाई व्यवस्था पर भी सीधा असर डालती हैं। जारचा पुलिस की यह कार्रवाई अब इस बात पर टिकी है कि बरामदगी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों तक जांच कितनी पहुंचती है।
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