गौतमबुद्धनगर के थाना सेक्टर-24 पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी और मोबाइल स्नेचिंग करने वाले एक कथित अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से 22 चोरी के दोपहिया वाहन, स्नेचिंग के 31 मोबाइल फोन, 2,500 रुपये नकद और तीन अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दो बाल अपचारियों को भी संरक्षण में लिया है।
नोएडा में सड़क पर राहगीरों से मोबाइल झपटने और दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। थाना सेक्टर-24 पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरोह दिल्ली-NCR के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय था और चोरी किए गए वाहनों का इस्तेमाल मोबाइल स्नेचिंग के लिए करता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को थाना सेक्टर-24 और थाना खोड़ा के अलग-अलग क्षेत्रों से गिरफ्तार किया। इसके साथ ही दो बाल अपचारियों को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
पहले वाहन चोरी, फिर उन्हीं वाहनों से स्नेचिंग
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करने का जो तरीका बताया, वह पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझाता है। पुलिस का दावा है कि आरोपी पहले दिल्ली-NCR के अलग-अलग इलाकों में रेकी करते थे। इसके बाद सुनसान स्थानों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी की जाती थी।
चोरी किए गए वाहनों को एक ही जगह लंबे समय तक रखने के बजाय आरोपी उन्हें बदल-बदलकर इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक इन्हीं चोरी के वाहनों पर सवार होकर आरोपी दिल्ली-NCR के अलग-अलग इलाकों में सड़क किनारे पैदल चल रहे लोगों को निशाना बनाते थे और उनके मोबाइल फोन झपट लेते थे।

यानी एक अपराध से दूसरे अपराध के लिए संसाधन तैयार किया जाता था। चोरी की बाइक या स्कूटी की पहचान से बचने के लिए उन्हें लगातार बदला जाता था, जिससे पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो।
जंगल और झाड़ियों में छिपाते थे चोरी के वाहन
पुलिस के मुताबिक गिरोह चोरी किए गए दोपहिया वाहनों को तुरंत बेचने के बजाय उनकी पहचान छिपाने के लिए सुनसान जगहों, जंगल और झाड़ियों में छिपाकर रखता था। जरूरत के अनुसार इन वाहनों को निकालकर स्नेचिंग की घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता था।
मोबाइल फोन चोरी करने के बाद भी आरोपियों का तरीका अलग-अलग था। पुलिस का दावा है कि कुछ मोबाइल फोन सस्ते दामों में राहगीरों को ही बेच दिए जाते थे, जबकि कुछ मोबाइल फोन आरोपी विश्वा महतो उर्फ राजा के जरिए बिहार ले जाए जाते थे।
पुलिस के अनुसार बिहार में इन मोबाइल फोन को अपेक्षाकृत बेहतर कीमत पर बेचकर रकम हासिल की जाती थी। इसके बाद बिक्री से मिले पैसे को आरोपी आपस में बांट लेते थे और अपने शौक-मौज पर खर्च करते थे।
चार आरोपी गिरफ्तार, दो बाल अपचारी संरक्षण में
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार बताई गई है—
1. विक्की यादव उर्फ मोटा, उम्र 19 वर्ष, पुत्र राम शंकर, निवासी घड़ोली डेयरी फार्म, दिल्ली।
2. करण नागर, उम्र 19 वर्ष, पुत्र मुकेश नागर, निवासी मयूर विहार फेस-3, थाना गाजीपुर, दिल्ली।

3. रविन्द्र, उम्र 21 वर्ष, पुत्र सियाराम, निवासी मयूर विहार फेस-3, थाना गाजीपुर, दिल्ली।
4. विश्वा महतो उर्फ राजा, उम्र 26 वर्ष, पुत्र रमाकान्त महतो, निवासी ग्राम व थाना मोदीनगर, समस्तीपुर, बिहार। वर्तमान पता खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद।
पुलिस ने इनके अलावा दो बाल अपचारियों को भी पुलिस संरक्षण में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में उनकी भूमिका क्या थी और नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
22 वाहन और 31 मोबाइल बरामद
सेक्टर-24 पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही और कब्जे से बड़ी संख्या में चोरी और स्नेचिंग का सामान बरामद किया गया है। बरामदगी में—
- चोरी के 22 दोपहिया वाहन
- स्नेचिंग के 31 मोबाइल फोन
- मोबाइल बिक्री से प्राप्त 2,500 रुपये नकद
- 3 अवैध चाकू
शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार विक्की यादव उर्फ मोटा, रविन्द्र और विश्वा महतो उर्फ राजा के कब्जे से एक-एक अवैध चाकू बरामद हुआ है।

नोएडा से दिल्ली तक दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपियों से संबंधित कई मुकदमों का विवरण सामने आया है। इनमें थाना सेक्टर-24 में मु0अ0सं0 488/26 धारा 304(2) बीएनएस, मु0अ0सं0 478/26 धारा 304(2) बीएनएस और मु0अ0सं0 489/26 धारा 303(2) बीएनएस शामिल हैं।
इसके अलावा थाना बिसरख में मु0अ0सं0 793/25 धारा 303(2) बीएनएस और थाना सेक्टर-39 में मु0अ0सं0 177/26 धारा 303(2) बीएनएस का विवरण दिया गया है।
दिल्ली में थाना सरिता विहार का मु0अ0सं0 030319 और थाना न्यू अशोक नगर का मु0अ0सं0 021652 भी पुलिस रिकॉर्ड में शामिल हैं।
वहीं थाना सेक्टर-24 में मु0अ0सं0 490/2026 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 112(2) बीएनएस और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
अब नेटवर्क के बाकी कड़ियों पर नजर
22 चोरी के दोपहिया वाहन और 31 मोबाइल फोन की बरामदगी ने इस नेटवर्क के फैलाव को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि चोरी के वाहनों को किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और बिहार में मोबाइल फोन बेचने के नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और दो बाल अपचारियों को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह की गतिविधियों और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क की बाकी कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।
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