गौर सिटी के राधा कृष्ण पार्क में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने से परेशान निवासियों ने 70-80 शिकायतें दर्ज कर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गौर सिटी के राधा कृष्ण पार्क में ध्वनि प्रदूषण को लेकर निवासियों का गुस्सा अब सड़कों से प्रशासनिक दफ्तर तक पहुंच गया है। लगातार हो रही परेशानी और हाल ही में हुई एक घटना के बाद बड़ी संख्या में निवासी एकजुट होकर डीसीपी ऑफिस, सूरजपुर पहुंचे और 70 से 80 से अधिक शिकायत याचिकाएं सौंप दीं।
यह पूरा मामला 12 अप्रैल की रात आयोजित एक महोत्सव से जुड़ा है, जिसमें देर रात तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए गए।
निवासियों के अनुसार, 12 अप्रैल की रात राधा कृष्ण पार्क में एक महोत्सव का आयोजन किया गया था।
इस दौरान आधी रात तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजते रहे।
जब स्थानीय लोगों ने आवाज कम करने की अपील की, तो उनके साथ अभद्रता की गई।
कई लोगों को गाली-गलौज और मारपीट की धमकियां तक दी गईं।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और मामला गंभीर रूप लेता चला गया।
घटना के बाद निवासियों ने सामूहिक रूप से कार्रवाई का निर्णय लिया।
बड़ी संख्या में लोग डीसीपी ऑफिस, सूरजपुर पहुंचे।
70-80 से अधिक लिखित शिकायतें और याचिकाएं सौंपी गईं।
अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
निवासियों ने 15 अप्रैल को अनुच्छेद 152 बीएनएसएस के तहत दी गई याचिका पर हुई कार्रवाई की स्थिति भी जाननी चाही।
प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में 100 से अधिक प्रभावित निवासियों की समस्याओं और अनुभवों को विस्तार से बताया गया।
लगातार हो रहे शोर से मानसिक और शारीरिक परेशानी।
बच्चों और बुजुर्गों की नींद में बाधा।
क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा।
इन सभी पहलुओं को विस्तार से प्रशासन के सामने रखा गया।
निवासियों ने अपनी शिकायतों की एक प्रति थाना बिसरख, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के थानाध्यक्ष को भी सौंपी।
पुलिस से लाउडस्पीकर पर सख्त नियंत्रण की मांग की गई।
देर रात तेज आवाज में बजने वाले साउंड सिस्टम पर रोक लगाने की अपील की गई।
निवासियों का कहना है कि 12/13 अप्रैल की रात ध्वनि प्रदूषण के कारण विवाद की स्थिति बन गई थी, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह कोई नई समस्या नहीं है।
पिछले कई वर्षों से लगातार ध्वनि प्रदूषण की समस्या बनी हुई है।
बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
इससे लोगों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
112 पर शिकायत के बावजूद नहीं मिलती राहत

निवासियों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया—
रात 10 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर बजते रहते हैं।
112 पर कॉल करने के बावजूद कई बार कार्रवाई नहीं होती।
पुलिस समय पर शोर बंद कराने में असफल रहती है।
इससे आम लोगों में प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ रहा है।
सख्त और स्थायी समाधान की मांग
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि—
ध्वनि प्रदूषण पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो।
लाउडस्पीकर के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
इस विरोध और शिकायत अभियान में कई स्थानीय निवासी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से—
अंकित वैश्य, अमरजीत राठौर, योगेश भगौर, जितेंद्र नेगी, विवेक क्वात्रा, बी एम बाली, रवि किशोर, रमेश शर्मा, रामरीख शर्मा, प्रणय जैन, अर्पित कपूर, ममता सिंह, पुष्प राज, प्रमोद, अभिषेक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।गौर सिटी में ध्वनि प्रदूषण अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन चुका है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस बढ़ते आक्रोश को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या निवासियों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल पाती है या नहीं।
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