ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में स्थित सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में दो मजदूरों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। दोनों शव कमरे के अंदर पड़े मिले। मृतकों की पहचान मेरठ निवासी इंद्र और शीशपाल के रूप में हुई है। पुलिस हत्या के पीछे की वजह और फरार तीसरे मजदूर की तलाश में जुटी है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक निर्माणाधीन हॉस्टल के कमरे से दो मजदूरों के खून से लथपथ शव बरामद हुए। दोनों की हत्या धारदार हथियार से बेहद बेरहमी से की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
यह सनसनीखेज वारदात नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल की है, जहां दो मजदूरों की हत्या कर उनके शव कमरे के अंदर छोड़ दिए गए। शुरुआती जांच में मामला बेहद रहस्यमय नजर आ रहा है क्योंकि मृतकों के साथ काम करने वाला तीसरा मजदूर मौके से गायब बताया जा रहा है।

कमरे के अंदर पड़े मिले शव, खून से सना था पूरा परिसर
जानकारी के मुताबिक पुलिस को डायल-112 पर सूचना मिली कि निर्माणाधीन हॉस्टल के एक कमरे में दो व्यक्ति मृत अवस्था में पड़े हैं। सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। कमरे का दृश्य बेहद भयावह था। दोनों मजदूरों के शव खून से लथपथ हालत में पड़े थे और उनके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई गहरे वार के निशान मिले।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पूरे हॉस्टल परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी।
दो दिन पहले ही काम पर आए थे तीन मजदूर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य के लिए तीन मजदूर दो दिन पहले ही यहां काम करने पहुंचे थे। इनमें से दो की हत्या हो गई, जबकि तीसरा मजदूर घटना के बाद से लापता है। इसी वजह से पुलिस तीसरे व्यक्ति की भूमिका को भी गंभीरता से जांच रही है।
सूत्रों के अनुसार, तीनों मजदूर हॉस्टल परिसर में ही रह रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि देर रात किसी बात को लेकर विवाद हुआ हो, जिसके बाद यह खूनी वारदात हुई। हालांकि पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

मृतकों की पहचान मेरठ के रहने वाले मजदूरों के रूप में हुई
मौके पर पहुंचे ठेकेदार ने दोनों मृतकों की पहचान की। मृतकों में एक का नाम इंद्र बताया गया है, जो मेरठ के अब्दुल्लापुर का निवासी था। वहीं दूसरे मृतक की पहचान शीशपाल के रूप में हुई है, जो मेरठ के ग्रामीण इचौंली क्षेत्र का रहने वाला था। दोनों की उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
फॉरेंसिक टीम जुटा रही अहम सुराग
घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने कमरे से खून के नमूने, हथियार से जुड़े संभावित साक्ष्य और अन्य सामग्री एकत्र की है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटना के समय आने-जाने वाले लोगों की जानकारी मिल सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या बेहद नजदीक से और पूरी क्रूरता के साथ की गई है। इससे साफ है कि आरोपी मृतकों को अच्छी तरह जानता था या फिर वारदात किसी निजी विवाद का परिणाम हो सकती है।

तीसरे मजदूर की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद से गायब तीसरे मजदूर की तलाश पुलिस की प्राथमिकता बन गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है और उसके मोबाइल नंबर तथा अन्य जानकारी के आधार पर लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तीसरा मजदूर आरोपी है या घटना का चश्मदीद। पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही कि हत्या के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या आपराधिक साजिश हो सकती है।
इलाके में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
निर्माणाधीन हॉस्टल में हुई इस डबल मर्डर की घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर रहती है, जिसका फायदा अपराधी उठा सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है।
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