भीषण गर्मी के बीच लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाने के लिए गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई आइसक्रीम एवं खाद्य निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर 08 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि एक प्रतिष्ठान से नियमों का उल्लंघन मिलने पर 25 डिब्बों को सीज कर दिया गया।
गर्मी का मौसम आते ही बाजार में आइसक्रीम, कुल्फी, शेक और ठंडे पेय पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर सवाल भी उठने लगते हैं। इन्हीं आशंकाओं और आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलेभर में लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभाग की टीमों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित कई आइसक्रीम एवं खाद्य निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए हैं।
यह अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीषण गर्मी के दौरान जनपदवासियों को मिलने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थ पूरी तरह शुद्ध, सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर आइसक्रीम, दूध, क्रीम, कुल्फी और शेक जैसे खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
सबसे पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा स्थित लक्ष्मी आइसक्रीम निर्माण इकाई पर छापेमारी की। यहां से आइसकैंडी का एक नमूना संग्रहित किया गया। इसके बाद टीम ने डिवाइन आइसक्रीम निर्माण इकाई पर पहुंचकर आइसक्रीम का एक अन्य नमूना लिया।
वहीं दूसरी टीम, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज और रितु सक्सेना शामिल थीं, सेक्टर-64 नोएडा स्थित गोल्ड स्मिथ रिटेल सर्विसेज लिमिटेड की निर्माण इकाई पर पहुंची। यहां से दूध, क्रीम और Nirula's ब्रांड की रेड वेलवेट क्रीम के एक-एक नमूने जांच के लिए लिए गए।
हालांकि जांच के दौरान विभाग को यहां एक बड़ी अनियमितता भी मिली। अधिकारियों ने पाया कि रेड वेलवेट क्रीम के डिब्बों पर आवश्यक जानकारियां जैसे पोषण संबंधी विवरण और अन्य अनिवार्य सूचनाएं अंकित नहीं थीं। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने करीब 2.3 किलोग्राम वजन वाले 25 डिब्बों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह और एस.के. पाण्डेय की टीम ने सेक्टर-73 नोएडा स्थित क्वार्ले आइसक्रीम प्रतिष्ठान पर पहुंचकर आइसक्रीम का नमूना लिया। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैयद इबादुल्लाह, ओ.पी. सिंह और एस.के. पाण्डेय की संयुक्त टीम ने रोजा जलालपुर, सेक्टर-04 ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित भवनाथ आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिंक्स निर्माण इकाई पर जांच अभियान चलाया। यहां से कुल्फी और बादाम शेक के नमूने संग्रहित किए गए।
पूरे अभियान के दौरान कुल 08 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें अब प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी नमूने में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर भी सामने आया। दरअसल, विभाग को पिछले दिनों शिकायत मिली थी कि जिले के कुछ स्टोरों में हलाल प्रमाणन वाले खाद्य उत्पाद बेचे जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर विभाग ने अलग से चेकिंग अभियान भी चलाया। हालांकि बुधवार को की गई जांच के दौरान किसी भी स्टोर पर हलाल प्रमाणनयुक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं पाई गई।

खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होने की संभावना रहती है। ऐसे में यदि निर्माण, भंडारण या बिक्री के दौरान लापरवाही बरती जाए तो यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए दूषित आइसक्रीम, शेक या डेयरी उत्पाद गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने साफ कहा कि विभाग आने वाले दिनों में भी इसी तरह का विशेष अभियान लगातार जारी रखेगा। जिले के विभिन्न इलाकों में खाद्य निर्माण इकाइयों, डेयरी प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों और कोल्ड ड्रिंक्स केंद्रों पर नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है और मानकों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
भीषण गर्मी के बीच विभाग की इस सख्त कार्रवाई को आम जनता की सेहत से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि बाजार में बिक रही ठंडक आखिर कितनी सुरक्षित है।
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