गर्मी के मौसम में लोगों तक शुद्ध खाद्य और पेय पदार्थ पहुंचाने के लिए गौतमबुद्धनगर का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विभागीय टीम ने ग्रेटर नोएडा और नोएडा के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए हैं।
जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे बाजारों में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अन्य ठंडे खाद्य पदार्थों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचे, इसे सुनिश्चित करने के लिए गौतमबुद्धनगर का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहा है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ और जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के निर्देश पर जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी लगातार आइसक्रीम फैक्ट्री, डेयरी यूनिट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा की निर्माण इकाई पर टीम की कार्रवाई
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में आम जनता को गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने ग्रेटर नोएडा स्थित डेरी फन ब्रांड की निर्माण इकाई पर कार्रवाई की। यहां से फ्रोजन डेजर्ट का एक नमूना जांच के लिए लिया गया।
टीम ने निर्माण इकाई में खाद्य सुरक्षा मानकों, साफ-सफाई और उत्पाद की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सेक्टर-104 में भी चली जांच
सिर्फ ग्रेटर नोएडा ही नहीं, बल्कि नोएडा के सेक्टर-104 स्थित बीएसआर फूड एंड बेवरेज प्रतिष्ठान पर भी खाद्य विभाग की टीम पहुंची। यहां ज्ञानी ब्रांड आइसक्रीम का एक नमूना संग्रहित किया गया।
दोनों प्रतिष्ठानों से कुल दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हलाल प्रमाणन वाले उत्पादों पर भी नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग सिर्फ आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर भी लगातार निगरानी कर रहा है।
दरअसल, बीते दिनों जनपद में कुछ दुकानों और स्टोरों पर हलाल प्रमाणन वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद विभाग ने कई स्थानों पर जांच अभियान चलाया था।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को भी जिले के विभिन्न स्टोरों पर चेकिंग अभियान चलाया गया, हालांकि किसी भी दुकान पर हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं पाई गई।

गर्मी में बढ़ जाता है मिलावट का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में आइसक्रीम, दूध से बने उत्पाद और कोल्ड आइटम्स में मिलावट और गुणवत्ता से समझौते की शिकायतें बढ़ जाती हैं। कई बार अधिक मुनाफे के लिए घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि आने वाले दिनों में भी जिलेभर में इसी तरह जांच अभियान जारी रहेगा। विभाग नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजेगा ताकि मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि जनपदवासियों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता से भी की गई अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें और हमेशा विश्वसनीय ब्रांड व प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें।
यदि किसी व्यक्ति को किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो वह विभाग को शिकायत भी दर्ज करा सकता है। विभाग का दावा है कि हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी के इस मौसम में विभाग की लगातार हो रही कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि इस बार मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रशासन सख्त नजर बनाए हुए
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