ग्रेटर नोएडा में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। फायर सेफ्टी मानकों का पालन न करने पर अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट स्थित पांच कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। संयुक्त जांच अभियान में 13 संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जबकि कई संस्थानों को सुधार के लिए अंतिम समय दिया गया है।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हाल के दिनों में सामने आई आग की घटनाओं के बाद प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा में चल रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट स्थित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले पांच कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि कई अन्य संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
यह कार्रवाई शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे व्यापक फायर सेफ्टी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराना है।

संयुक्त टीम ने गुरुवार को अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट के ट्रेडेक्स टावर-1 और ओम टावर में संचालित कुल 13 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि इनमें से पांच संस्थानों में आवश्यक अग्निशमन उपकरण या फायर सेफ्टी व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी, जबकि पूर्व निरीक्षण के दौरान उन्हें कमियों को दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था।
निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन संस्थानों को सील कर दिया।
इन पांच संस्थानों पर हुई कार्रवाई
संयुक्त निरीक्षण के बाद जिन कोचिंग संस्थानों को सील किया गया, उनमें शामिल हैं—
-
ट्यूटोरिक्स ट्यूशन सेंटर
-
एनविक इंफोटेक
-
इनकैप सेंटर
-
मैरिट एजुकेशन
-
पैंडुलम एडू क्लासेज
प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

कई संस्थानों में अंतिम चरण में मिला सुरक्षा कार्य
निरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम ने पाया कि कुछ कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन उपकरण लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। इन संस्थानों में लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित किया जा चुका है।
ऐसे संस्थानों को राहत देते हुए प्रशासन ने दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया है, ताकि शेष कार्य पूरा कर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा कुछ संस्थानों का पहली बार निरीक्षण किया गया। उन्हें भी आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण लगाने और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुछ संस्थान सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे
जांच के दौरान कई ऐसे कोचिंग संस्थान भी मिले, जहां अग्निशमन उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित पाए गए। अधिकारियों ने ऐसे संस्थानों की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया और अन्य संस्थानों को भी इन्हीं मानकों का पालन करने की सलाह दी।
शासन के निर्देश पर चल रहा है विशेष अभियान
ग्रेटर नोएडा में यह विशेष अभियान शासन के निर्देशों के बाद शुरू किया गया है। हाल ही में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी जांच कराने का निर्णय लिया गया था।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया था कि जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं, वहां अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, चेतावनी प्रणाली तथा अन्य सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य रूप से उपलब्ध होने चाहिए।
इसी निर्णय के तहत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और फायर विभाग की संयुक्त टीम लगातार विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही है।
संयुक्त टीम में शामिल रहे कई अधिकारी
गुरुवार को चले अभियान में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, प्रबंधक स्वतंत्र वर्मा, सहायक प्रबंधक कुलदीप शर्मा तथा फायर सेफ्टी ऑफिसर अजय कुमार अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
अधिकारियों ने प्रत्येक संस्थान में फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, सुरक्षा संकेतक और अन्य व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस की सख्त चेतावनी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने सभी कोचिंग संस्थानों से अपील की है कि वे बिना देरी किए फायर सेफ्टी के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई संस्थान अग्निशमन व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी पूर्व सूचना के सीलिंग सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने संस्थानों से यह भी कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्रत्येक छात्र, शिक्षक और कर्मचारी के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

सुरक्षा व्यवस्था अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
ग्रेटर नोएडा में हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी वाले परिसरों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जिले के अन्य कोचिंग संस्थानों, शिक्षण परिसरों और व्यावसायिक भवनों में इसी प्रकार का निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। जहां भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
COMMENTS