कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने "ऑपरेशन Cy-Vajra" के तहत नोएडा के सेक्टर-2 और सेक्टर-6 में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया है। एक गिरोह बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने और दूसरा Indigo Airlines India में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर साइबर अपराध में प्रयुक्त कई डिजिटल उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए "ऑपरेशन Cy-Vajra" के तहत नोएडा में संचालित दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की। इस दौरान बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने और Indigo Airlines India में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को थाना फेस-1 पुलिस ने "ऑपरेशन Cy-Vajra" के अंतर्गत थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया। जांच में इन खातों से जुड़े 19 रेड जोन और लगभग 2500 मोबाइल फोन तकनीकी निगरानी में लिए गए। NCRP पोर्टल पर दर्ज विभिन्न शिकायतों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने सेक्टर-6 और सेक्टर-2 में संचालित दो कॉल सेंटरों का पता लगाया, जहां से बड़े स्तर पर साइबर ठगी की जा रही थी।
पुलिस ने सेक्टर-6 स्थित जी-13 में चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारकर तनुज कुमार गोयल और पंकज को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को कम ब्याज पर ऋण दिलाने, लैप्स एलआईसी पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने, बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, अधिक क्लेम दिलाने तथा क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करता था।

आरोपी लोगों से विभिन्न शुल्क और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे अपने परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराते थे। इन खातों के एटीएम कार्ड आरोपियों के कब्जे में रहते थे, जिससे वे आसानी से रकम निकाल लेते थे। ठगी के बाद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डिजिटल चैट रिकॉर्ड नष्ट कर दिए जाते थे ताकि सबूत न मिल सकें।
इस कॉल सेंटर से पुलिस ने एक लैपटॉप, तीन कीपैड मोबाइल फोन, एक स्मार्टफोन, 17 एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद की है। इस मामले में थाना फेस-1 में मु0अ0सं0 363/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
Indigo Airlines में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को बनाया जा रहा था शिकार
दूसरी कार्रवाई सेक्टर-2 स्थित बी-61 में संचालित कॉल सेंटर पर की गई, जहां से मोहित कुमार और आदेश यादव को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं का डेटा विभिन्न वेबसाइटों से प्राप्त करता था। इसके बाद उन्हें फोन कर Indigo Airlines India में नौकरी दिलाने का दावा किया जाता था। विश्वास जीतने के लिए फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजे जाते और फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग, मेडिकल तथा अन्य शुल्क के नाम पर हजारों रुपये वसूले जाते थे।

ठगी के बाद आरोपी प्रयुक्त सिम कार्ड नष्ट कर देते थे और अन्य लोगों के नाम पर नई सिम लेकर अपना नेटवर्क संचालित करते थे। इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से 15 से अधिक शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज हैं।
पुलिस ने मौके से दो कंप्यूटर, पांच कीपैड मोबाइल, तीन स्मार्टफोन, एक पेन ड्राइव और पांच सिम कार्ड बरामद किए। इस मामले में मु0अ0सं0 364/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3), 340(2) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
देशभर में फैला हुआ था साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों गिरोह केवल नोएडा तक सीमित नहीं थे। NCRP पोर्टल पर देश के अलग-अलग राज्यों से इनके खिलाफ शिकायतें दर्ज मिली हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि साइबर ठग लगातार मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल उपकरण बदलकर अपनी पहचान छिपाने का प्रयास करते थे।

पुलिस अब बरामद लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। इसके साथ ही बैंक खातों में हुए लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार आरोपियों में गाजियाबाद निवासी तनुज कुमार गोयल, बिहार निवासी पंकज, मैनपुरी निवासी मोहित कुमार तथा फर्रुखाबाद निवासी आदेश यादव शामिल हैं। सभी आरोपी वर्तमान में नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में रहकर फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे।
जनता से पुलिस की अपील
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बीमा पॉलिसी मैच्योरिटी, लोन, क्रेडिट कार्ड या नौकरी के नाम पर फोन आने पर बिना सत्यापन के किसी भी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस का कहना है कि "ऑपरेशन Cy-Vajra" आगे भी जारी रहेगा और साइबर अपराध में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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