गौतमबुद्ध नगर के दादरी क्षेत्र स्थित लुहारली टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारी के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देकर बैरियर तोड़ने की घटना में दादरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चार वाहनों को बरामद किया है। आरोपियों के कब्जे से दो बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो, एक नई थार और एक ब्रेजा कार बरामद हुई है।
गौतमबुद्ध नगर के लुहारली टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारियों के साथ अभद्रता और दबंगई दिखाने वाले युवकों पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। टोल कर्मचारी के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और टोल बैरियर तोड़कर फरार होने वाले तीन आरोपियों को दादरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने और सरकारी अथवा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या था पूरा मामला?
11 जून 2026 को लुहारली टोल प्लाजा के मैनेजर ने थाना दादरी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार में सवार कुछ युवक टोल प्लाजा पर पहुंचे। टोल शुल्क को लेकर विवाद के दौरान उन्होंने वहां मौजूद टोल कर्मचारी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कर्मचारी के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने टोल प्लाजा का बूम बैरियर भी क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां से फरार हो गए।
घटना के बाद टोल प्लाजा कर्मचारियों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दादरी पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने बनाई विशेष टीम, शुरू हुई तलाश
घटना की सूचना मिलते ही थाना दादरी पुलिस हरकत में आ गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस, स्थानीय नेटवर्क और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार की गई निगरानी और सूचना संकलन के बाद पुलिस को आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी मिली।
कोट गांव के पास से दबोचे गए आरोपी
12 जून 2026 को दादरी पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर थाना क्षेत्र के कोट गांव के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन यादव, सौरभ और आकाश के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान पुलिस को घटना में प्रयुक्त वाहनों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर चार गाड़ियों को बरामद किया गया।
बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो और थार ने बढ़ाए सवाल
पुलिस द्वारा बरामद किए गए वाहनों में दो काले रंग की स्कॉर्पियो, एक काले रंग की नई थार और एक सफेद रंग की ब्रेजा कार शामिल है।
बरामद वाहनों का विवरण इस प्रकार है—
- काली स्कॉर्पियो कार (बिना नंबर प्लेट)
- काली स्कॉर्पियो कार नई मॉडल (बिना नंबर प्लेट)
- काली थार कार नई मॉडल (बिना नंबर प्लेट)
- सफेद ब्रेजा कार नंबर UP14HA3750
दो स्कॉर्पियो और एक थार का बिना नंबर प्लेट होना कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन वाहनों का उपयोग अन्य घटनाओं में तो नहीं किया गया था और इनके दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं या नहीं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों आरोपी गाजियाबाद के बम्हैटा गांव के रहने वाले हैं।
आरोपी:
1. करन यादव पुत्र धर्मवीर यादव
निवासी – ग्राम बम्हैटा, थाना वेव सिटी, गाजियाबाद
2. सौरभ पुत्र विनोद
निवासी – ग्राम बम्हैटा, थाना वेव सिटी, गाजियाबाद
3. आकाश पुत्र सतीश
निवासी – ग्राम बम्हैटा, थाना वेव सिटी, गाजियाबाद
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या नहीं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
दादरी थाना पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 256/2026 दर्ज किया गया है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 352, 351(3), 324(2), 281, 109(1), 191(2) और 191(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
इन धाराओं में मारपीट, धमकी, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने, नुकसान पहुंचाने और अन्य संबंधित अपराध शामिल हैं।
टोल कर्मचारियों में राहत, पुलिस कार्रवाई की सराहना
घटना के बाद टोल प्लाजा कर्मचारियों में दहशत का माहौल था। कर्मचारियों का कहना था कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो ऐसे मामलों से टोल कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते थे।
पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और वाहनों की बरामदगी के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है।
सख्त संदेश: कानून हाथ में लेने वालों की खैर नहीं
दादरी पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सड़क पर दबंगई, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कानून पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा।
लुहारली टोल प्लाजा की यह घटना केवल एक टोल विवाद नहीं थी, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास भी थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने ऐसे तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
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