ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में मंगलवार को तेज बारिश के बाद टर्मिनल से पार्किंग एरिया को जोड़ने वाले रास्ते पर जलभराव हो गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार करीब 30 मिनट में पानी निकाल दिया गया और उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। वहीं AAP, कांग्रेस और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में मंगलवार को तेज बारिश के बाद कुछ देर के लिए ऐसा नजारा सामने आया, जिसने एयरपोर्ट की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी। टर्मिनल और पार्किंग एरिया को जोड़ने वाले रास्ते पर अचानक बारिश का पानी जमा हो गया। देखते ही देखते पार्किंग क्षेत्र के पास काफी मात्रा में पानी दिखाई देने लगा और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस एयरपोर्ट परिसर में पहली तेज बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति आखिर क्यों बनी? हालांकि एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्थिति को ज्यादा देर तक कायम नहीं रहने दिया और टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
तेज बारिश के बाद टर्मिनल-पार्किंग मार्ग पर जमा हुआ पानी
बताया गया कि मंगलवार को दिन के समय जेवर क्षेत्र में कम समय के भीतर तेज बारिश हुई। इसी दौरान टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले रास्ते पर बारिश का पानी कुछ देर के लिए जमा हो गया।
वायरल वीडियो में पार्किंग एरिया के पास पानी जमा दिखाई दे रहा है। वहीं एयरपोर्ट से जुड़े कर्मचारी जल निकासी की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। जलभराव के कारण कुछ समय के लिए यात्रियों और एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों को असुविधा हुई।
हालांकि, स्थिति को बिगड़ने से पहले ही एयरपोर्ट की टीम सक्रिय हो गई। प्रशासन के मुताबिक वाहनों को वैकल्पिक रास्ते से निकाला गया, जिससे यात्रियों की आवाजाही और एयरपोर्ट के संचालन पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा।
30 मिनट में पानी की निकासी का दावा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अचानक हुई अत्यधिक तेज बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग एरिया के बीच रास्ते पर अस्थायी रूप से पानी जमा हुआ था।
एयरपोर्ट टीम को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, जल निकासी का काम तत्काल शुरू कर दिया गया। प्रबंधन के अनुसार करीब 30 मिनट के भीतर जलभराव पूरी तरह खत्म कर दिया गया और मार्ग पर आवाजाही सामान्य हो गई।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि इस अस्थायी जलभराव का उड़ानों के संचालन, एयरपोर्ट ऑपरेशन या अन्य व्यवस्थाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। यात्रियों का आना-जाना और एयरपोर्ट से जुड़ी गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं।

जलभराव का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई। कई यूजर्स ने एयरपोर्ट की ड्रेनेज व्यवस्था और बारिश के पानी की निकासी की क्षमता को लेकर सवाल उठाए।
कुछ लोगों ने इसे एयरपोर्ट के निर्माण और भविष्य की मानसूनी तैयारियों से जोड़कर देखा। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि यहां एयरपोर्ट और सीपोर्ट दोनों का अनुभव एक साथ मिल सकता है।
हालांकि, एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि समस्या अचानक हुई तेज बारिश के कारण कुछ समय के लिए पैदा हुई थी और टीम ने तत्काल कार्रवाई करके इसे नियंत्रित कर लिया।
11,200 करोड़ की लागत का मुद्दा बना राजनीतिक हथियार
जलभराव की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया। आम आदमी पार्टी ने एयरपोर्ट की निर्माण गुणवत्ता और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
AAP की ओर से कहा गया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को करीब ₹11,200 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन करीब छह महीने पहले किया गया था। पार्टी ने पहली ही बारिश में जलभराव को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण से जोड़ने का आरोप लगाया।
हालांकि ये राजनीतिक आरोप हैं और एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से ऐसी किसी निर्माण संबंधी अनियमितता की पुष्टि नहीं की गई है। प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष यही है कि तेज बारिश के कारण कुछ समय के लिए पानी जमा हुआ था और उसे करीब 30 मिनट में निकाल दिया गया।
कांग्रेस ने भी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस ने भी वायरल वीडियो को साझा करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने इस घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से जोड़ते हुए एयरपोर्ट की स्थिति पर सवाल उठाए।
विपक्षी दलों के आरोपों के बाद अब यह मुद्दा सिर्फ जलभराव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एयरपोर्ट के निर्माण, जल निकासी व्यवस्था और मानसून के दौरान उसकी तैयारियों को लेकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी नोएडा एयरपोर्ट में जलभराव को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आप एयरपोर्ट बना रहे हो पानी भर गया उसमें, एक्सप्रेसवे बना रहे हो गड्ढे हो गए उसमें।”
अखिलेश यादव ने आगे तंज कसते हुए कहा कि “हवाई जहाज उड़ाने वाले और प्रदेश चलाने वाले में कुछ समानता दिखाई दे रही है।”
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं।
अब निगाह अगले बड़े बारिश के दौर पर
फिलहाल एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक जलभराव की समस्या दूर कर दी गई है और संचालन सामान्य है। यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए टीमों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश हैं।
लेकिन वायरल वीडियो ने एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—अगर थोड़े समय की तेज बारिश में टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी जमा हो सकता है, तो लंबे समय तक होने वाली भारी बारिश में जल निकासी व्यवस्था कितनी प्रभावी रहेगी?
एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए आने वाले मानसून के बाकी दिनों में यह एक अहम परीक्षा होगी। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन पहली तेज बारिश के बाद उठे सवालों का जवाब आने वाले समय में एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक क्षमता ही देगी।
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