उत्तर प्रदेश शासन और आबकारी आयुक्त के निर्देश पर गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आबकारी विभाग की टीम ने सेक्टर-115 के सोरखा क्षेत्र में स्थित कई कैफे और रेस्टोरेंट्स की जांच की। राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रतिष्ठान से अवैध शराब बरामद नहीं हुई।
गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब की बिक्री और उसके अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को आबकारी विभाग की टीम ने सेक्टर-115 के सोरखा क्षेत्र में स्थित कई कैफे और रेस्टोरेंट्स में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया।

इस दौरान अधिकारियों ने हर प्रतिष्ठान की बारीकी से जांच की, लेकिन कहीं से भी अवैध शराब बरामद नहीं हुई।
उत्तर प्रदेश शासन और आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर के मार्गदर्शन में जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
दरअसल, पिछले कुछ समय से प्रशासन को सूचना मिल रही थी कि कुछ सार्वजनिक स्थानों और खान-पान के प्रतिष्ठानों में अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है। इन सूचनाओं के मद्देनजर आबकारी विभाग ने जिले के अलग-अलग हिस्सों में विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य न केवल अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाना है, बल्कि उसके भंडारण और परिवहन की गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

इसी अभियान के तहत 2 अगस्त 2026 को आबकारी विभाग की टीम सोरखा गांव स्थित सेक्टर-115 के क्रिकेट ग्राउंड परिसर में पहुंची। यहां मौजूद कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जिन प्रतिष्ठानों की जांच हुई, उनमें 'फुरसत के पल', 'रसोइया', 'पफ एंड इस्पाई', 'हैश टैग', 'क्रेजी चाय कैफे एंड रेस्टोरेंट' और 'रेटोरेन्ट' शामिल हैं।
अधिकारियों ने इन सभी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, स्टॉक और अन्य दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा यह भी देखा गया कि कहीं किसी स्थान पर बिना अनुमति के शराब तो नहीं परोसी जा रही है या फिर उसका अवैध भंडारण तो नहीं किया गया है।
आबकारी विभाग की टीम ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और संबंधित संचालकों से भी पूछताछ की। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान से अवैध शराब बरामद नहीं हुई।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिले में इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। त्योहारों और विशेष अवसरों के दौरान इस तरह की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अवैध कारोबार पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के किसी भी हिस्से में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के अभियान से न केवल कानून व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं को नशे की लत से बचाने में भी मदद मिलेगी। लोगों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर नियमित जांच से अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

COMMENTS