श्रावण मास के पहले सोमवार के अवसर पर गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों, पूजा स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और वस्तुओं की गहन जांच की गई। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाया गया।
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है।
पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर डीसीपी नोएडा श्री साद मियां खान के नेतृत्व में एडीसीपी नोएडा श्रीमती मनीषा सिंह ने थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों और आसपास के इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस बल भी उनके साथ मौजूद रहा।
श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। इसी वजह से सुरक्षा के लिहाज से विशेष रणनीति तैयार की गई है।
मंदिरों और पूजा स्थलों पर बढ़ाई गई निगरानी
पुलिस अधिकारियों ने सेक्टर-20 क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए।
मंदिर परिसरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और लावारिस वस्तुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन समितियों से भी संवाद स्थापित किया और उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश दिए।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना आवश्यक हो जाता है।
इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त बढ़ा दी गई है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व की गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान
श्रावण मास में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
यातायात पुलिस लगातार प्रमुख मार्गों की निगरानी कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का भी इस्तेमाल कराया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विशेष फोकस
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मंदिरों के आसपास साफ-सफाई, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर भी लगातार निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को जागरूक करने का काम भी कर रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
पूरी तरह अलर्ट मोड में है पुलिस कमिश्नरेट
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने स्पष्ट किया है कि श्रावण मास के दौरान जिले के सभी धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस, यातायात विभाग और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।
श्रावण मास के दौरान पुलिस की यह सतर्कता यह संदेश भी देती है कि आस्था के इस पवित्र अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
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