नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की सेक्टर-20 थाना पुलिस और साइबर टीम ने नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। अट्टा मार्केट, सेक्टर-27 स्थित एक कार्यालय पर छापेमारी कर चार महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, फीस बुक, रसीद बुक, प्रचार-प्रसार सामग्री और भर्ती से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलने के आरोप में नोएडा पुलिस ने एक कथित फर्जी जॉब रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर की थाना सेक्टर-20 पुलिस और साइबर टीम नोएडा जोन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अट्टा मार्केट, सेक्टर-27 स्थित एक कार्यालय से चार महिला और दो पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी विभिन्न कंपनियों में नौकरी दिलाने का दावा कर युवाओं से फीस और अन्य मदों के नाम पर धनराशि वसूलते थे। शिकायत मिलने के बाद की गई कार्रवाई में आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई।
शिकायत के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई
पुलिस के अनुसार 27 जुलाई 2026 को वादी द्वारा दी गई सूचना के आधार पर साइबर टीम और थाना सेक्टर-20 पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। टीम ने अट्टा मार्केट, सेक्टर-27 स्थित एक बिल्डिंग में संचालित कार्यालय पर छापा मारा, जहां से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे और उनसे विभिन्न शुल्क के नाम पर पैसे वसूलते थे।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

महिला आरोपी
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श्वेता सिंह उर्फ प्रिया, पुत्री चन्द्र प्रताप सिंह, निवासी ब्रह्मनगर के पीछे, गीता कॉन्वेंट, गंगा घाट, शुक्लागंज, कथरी पीपरखेड़ा, जनपद उन्नाव।
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नीजू यादव, पुत्री मनोज यादव, निवासी सेक्टर-22, नोएडा। (उम्र 29 वर्ष)
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कीर्ति सिंह उर्फ मीरा, पत्नी उज्जवल सिंह, निवासी बी-ब्लॉक, न्यू अशोक नगर, दिल्ली। (उम्र 29 वर्ष)
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पूजा, पुत्री लल्लू प्रसाद, निवासी अशोक नगर, दिल्ली। (उम्र 27 वर्ष)
पुरुष आरोपी
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रूपेश कुमार, पुत्र राम कुमार सिंह, निवासी ईएसआई रोड, चौड़ा गांव, रघुनाथपुर, सेक्टर-22, थाना सेक्टर-24, नोएडा। (उम्र 22 वर्ष)
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आमीर राणा, पुत्र मईनूद्दीन, निवासी मोहल्ला गढ़ी नई आबादी, पिलखुआ, जिला हापुड़। (उम्र 46 वर्ष)
क्या-क्या हुआ बरामद?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई दस्तावेज और सामग्री बरामद की, जिनमें शामिल हैं—
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03 मोबाइल फोन
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11 फीस बुक
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04 रसीद बुक
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22 प्रचार-प्रसार पम्पलेट
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20 भर्ती (रिक्रूट) से संबंधित भरे हुए आवेदन फॉर्म
पुलिस का मानना है कि ये दस्तावेज कथित रूप से भर्ती प्रक्रिया और शुल्क वसूली से जुड़े हो सकते हैं। बरामद सामग्री की फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच भी कराई जाएगी।

पुलिस अब किन पहलुओं की जांच कर रही है?
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के प्रमुख बिंदु हैं—
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अब तक कितने युवाओं से संपर्क किया गया?
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कितने लोगों से कथित रूप से पैसे लिए गए?
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क्या यह गिरोह अन्य शहरों या राज्यों में भी सक्रिय था?
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क्या इसमें अन्य लोग या कंपनियां भी शामिल हैं?
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बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों से और कौन-कौन से सुराग मिलते हैं?
साइबर टीम डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल डेटा की भी जांच कर रही है।
युवाओं के लिए पुलिस की सलाह
पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से अपील की है कि—
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किसी भी निजी एजेंसी या प्लेसमेंट कंपनी की सत्यता की जांच किए बिना पैसा जमा न करें।
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केवल अधिकृत और विश्वसनीय संस्थानों के माध्यम से ही आवेदन करें।
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नौकरी के नाम पर अग्रिम फीस मांगने वालों से सावधान रहें।
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संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
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