नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने ई-रिक्शा की बैट्री चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 स्मार्ट लीथियम बैट्री, 414 लीथियम बैट्री सेल और घटना से संबंधित 11,800 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के आसपास के इलाकों में रेकी कर सुनसान जगहों पर खड़े ई-रिक्शा से बैट्री चोरी करने की बात बताई है।
शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी का सबब बन चुके बैट्री चोर गिरोह के खिलाफ नोएडा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। थाना फेस-1 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से ई-रिक्शा की बैट्री चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की 13 स्मार्ट लीथियम बैट्री, 414 लीथियम बैट्री सेल और 11,800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सेक्टर-14 और 15 के बीच पुल के पास दबोचे गए आरोपी
थाना फेस-1 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को सेक्टर-14 और सेक्टर-15 के बीच बने पुल के पास से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासिम उर्फ लक्की, रहीशउल्ला, शाहनवाज और रिजवान के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, इनके पास से बड़ी मात्रा में लीथियम बैट्रियां और बैट्री सेल बरामद हुए हैं। इसके अलावा पुलिस ने घटना से संबंधित 11,800 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
बरामदगी की मात्रा से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गिरोह सिर्फ एक-दो वारदातों तक सीमित नहीं था, बल्कि बैट्री चोरी कर उन्हें अलग-अलग तरीके से खपाने का काम करता था।
पहले रेकी, फिर सुनसान जगह पर खड़े ई-रिक्शा निशाने पर
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को अपने अपराध करने का तरीका भी बताया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले उन इलाकों की रेकी करते थे, जहां ई-रिक्शा सुनसान या कम भीड़भाड़ वाली जगहों पर खड़े रहते थे। इसके बाद मौका देखकर ई-रिक्शा की बैट्री चोरी कर लेते थे।
चोरी की गई बैट्रियों को तत्काल बेचने के बजाय आरोपी उन्हें कहीं छिपाकर रखते थे। जब पैसों की जरूरत होती थी तो अपनी मजबूरी का बहाना बनाकर चोरी की बैट्रियों को एक-एक करके कबाड़ियों को बेच देते थे।
पुलिस के मुताबिक, बिक्री से मिलने वाली रकम को आरोपी आपस में बांट लेते थे।
यानी गिरोह का तरीका बेहद साधारण लेकिन लगातार चलने वाला था—पहले रेकी, फिर चोरी, उसके बाद माल को छिपाना और जरूरत पड़ने पर धीरे-धीरे उसे कबाड़ियों के जरिए खपाना।

दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा तक फैला था चोरी का दायरा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं थे। उनका गिरोह दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के आसपास के इलाकों में ई-रिक्शा की बैट्रियों को निशाना बनाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी खास तौर पर ऐसे ई-रिक्शा तलाशते थे जो एकांत स्थान पर खड़े हों और जहां चोरी करते समय उनके पकड़े जाने की संभावना कम हो।
ई-रिक्शा की बैट्री चोरी होने के बाद चालक के सामने सिर्फ बैट्री की कीमत का नुकसान नहीं होता, बल्कि उसका रोजमर्रा का रोजगार भी प्रभावित होता है। ऐसे में इस तरह की वारदातें ई-रिक्शा चालकों के लिए सीधे आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं।
पहले भी दिल्ली में जेल जा चुके हैं आरोपी
जांच में पुलिस को आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में भी जानकारी मिली है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले दक्षिण दिल्ली के थाना जैतपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैट्री चोरी की थी। इस मामले में वे थाना जैतपुर, दिल्ली से जेल भी जा चुके हैं।
इस जानकारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर में इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया और चोरी की बैटरियां किन-किन कबाड़ियों को बेची गईं।
कौन-कौन गिरफ्तार?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—
1. कासिम उर्फ लक्की, पुत्र मेहंदी हसन, निवासी इकरामनगर, थाना लोनी, जनपद गाजियाबाद। उसकी उम्र 21 वर्ष बताई गई है।
2. रहीशउल्ला, पुत्र शपीक अहमद, निवासी इकरामनगर, थाना लोनी, जनपद गाजियाबाद। उसकी उम्र 29 वर्ष है।
3. शाहनवाज, पुत्र मोहम्मद इकबाल, निवासी भागीरथी विहार, थाना दयालपुर, दिल्ली। उसकी उम्र 28 वर्ष है।
4. रिजवान, पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी ओल्ड मुस्तफाबाद, थाना दयालपुर, दिल्ली। उसकी उम्र 23 वर्ष है।
दो मुकदमों का भी सामने आया रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1, गौतमबुद्धनगर में दर्ज है। इसमें धारा 305(A)/331(4)/317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा दिल्ली के थाना जैतपुर साउथ में भी आरोपियों से संबंधित मामला दर्ज बताया गया है।
यानी नोएडा पुलिस की मौजूदा कार्रवाई के साथ आरोपियों का दिल्ली में भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है।
पुलिस की बरामदगी ने खोले कई सवाल
इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल—
- 13 स्मार्ट लीथियम बैट्री
- 414 लीथियम बैट्री सेल
- 11,800 रुपये नकद
बरामद किए हैं।
अब पुलिस के सामने अगली चुनौती यह पता लगाने की है कि बरामद बैटरियां किन-किन घटनाओं से संबंधित हैं और चोरी के इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि चोरी की बैटरियां किन कबाड़ियों को बेची जाती थीं और उनसे मिलने वाली रकम का पूरा नेटवर्क किस तरह काम करता था।
फिलहाल थाना फेस-1 पुलिस की कार्रवाई ने ई-रिक्शा बैट्री चोरी करने वाले गिरोह पर बड़ा प्रहार किया है। चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनके कब्जे से बड़ी संख्या में बैट्री और सेल बरामद हुए हैं।
अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होने की उम्मीद है कि नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में ई-रिक्शा बैट्री चोरी की कितनी वारदातों के पीछे यही गिरोह था और इस नेटवर्क में इनके अलावा कितने लोग जुड़े हुए हैं।
COMMENTS