नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने मोबाइल फोन और चेन स्नैचिंग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कथित गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, दो पीली धातु की चेन, 14,500 रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और एक अवैध चाकू बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोटरसाइकिल से NCR में घूमकर राहगीरों से मोबाइल और चेन छीनते थे।
नोएडा में राह चलते लोगों से मोबाइल और चेन छीनकर फरार होने वाले कथित स्नैचिंग गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने 9 सितंबर 2026 को सेक्टर-168 नोएडा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों की पहचान सुमित के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने पिछले कुछ महीनों में नोएडा के अलग-अलग इलाकों में चेन और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है।
पुलिस की कार्रवाई में जो सामान बरामद हुआ है, उससे साफ है कि मामला सिर्फ मोबाइल चोरी तक सीमित नहीं था। आरोपियों के पास से अवैध हथियार, मोबाइल फोन, चेन, नकदी और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी मिली है।
सेक्टर-168 से पकड़े गए दोनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में पहला सुमित पुत्र कृपाल सिंह है। उसकी उम्र 23 वर्ष है। वह मूल रूप से ग्राम सतरोही, थाना सहावर, जिला कासगंज का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली की वजीरपुर स्थित JJ कॉलोनी के एफ-ब्लॉक में रह रहा था।
दूसरा आरोपी सुमित वाल्मीकि पुत्र नेकराम मनोज वाल्मीकि है, जिसकी उम्र 19 वर्ष है। वह ग्राम मेहोना, थाना उझानी, जिला बदायूं का निवासी है और वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-128 थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में किराये के मकान में रह रहा था।
दोनों को पुलिस ने सेक्टर-168 नोएडा से गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार आरोपियों का तरीका काफी सीधा लेकिन राहगीरों के लिए खतरनाक था। दोनों मोटरसाइकिल पर NCR क्षेत्र में घूमते थे और रास्ते में आने-जाने वाले लोगों को निशाना बनाते थे।
मौका मिलते ही राहगीरों से मोबाइल फोन और चेन छीनकर मोटरसाइकिल से फरार हो जाते थे। पुलिस के मुताबिक, छीने गए सामान को आरोपी राह चलते लोगों को सस्ते दामों में बेच देते थे और उससे मिले पैसे आपस में बांट लेते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि इस तरह मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल वे अपने शौक और मौज-मस्ती में करते थे।
सेक्टर-113 में चार मुकदमों से जुड़ा कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-113 नोएडा में स्नैचिंग से जुड़े चार मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें मुकदमा संख्या 319/26, 380/26, 384/26 और 389/26 शामिल हैं। सभी मामलों में धारा 304(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई दर्ज है।
इसके अलावा एक्सप्रेसवे थाने में भी मुकदमा संख्या 138/26 दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 317(2)/317(5) बीएनएस, 3/25 आर्म्स एक्ट और 4/25 आर्म्स एक्ट लगाई गई हैं।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और चेन के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये सामान किन घटनाओं से जुड़े हैं।
पहले आरोपी के पास से क्या मिला?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुमित पुत्र कृपाल सिंह के कब्जे से:
- 7,500 रुपये नकद
- एक मोबाइल फोन
- .315 बोर का एक तमंचा

- एक जिंदा कारतूस .315 बोर
- दो पीली धातु की चेन
- एक मोटरसाइकिल
बरामद की गई है।
यानी पहले आरोपी के पास हथियार के साथ-साथ कथित तौर पर स्नैचिंग में इस्तेमाल होने वाला वाहन और छीना गया सामान भी मिला।
दूसरे आरोपी के पास से मोबाइल और चाकू बरामद
वहीं दूसरे आरोपी सुमित वाल्मीकि पुत्र नेकराम मनोज वाल्मीकि के कब्जे से:
- 7,000 रुपये नकद
- दो मोबाइल फोन
- एक अवैध चाकू
बरामद किया गया।
दोनों आरोपियों से कुल 14,500 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इसके अलावा दो पीली धातु की चेन, एक मोटरसाइकिल और अवैध हथियार भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि NCR में उन्होंने कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया। आरोपियों द्वारा पूछताछ में पिछले दो-तीन महीनों के दौरान थाना सेक्टर-113 क्षेत्र से चेन और मोबाइल छीनने की बात बताए जाने के बाद पुलिस उन मामलों से भी कड़ियां जोड़ रही है।
साथ ही बरामद मोबाइल फोन और चेन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल एक्सप्रेसवे थाना पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों के लिए राहत की उम्मीद है, जो सड़क पर मोबाइल इस्तेमाल करते समय या पैदल चलते हुए स्नैचिंग का शिकार होते रहे हैं। हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है और आगे की जांच में यह साफ होगा कि इस कथित गैंग ने नोएडा और NCR में कितनी घटनाओं को अंजाम दिया था।
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