लखनऊ में आयोजित राज्य सलाहकार बोर्ड की आठवीं बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के हित में कई बड़े निर्णय लिए। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने 5% आरक्षण लागू करने, पेंशन बढ़ाने, स्मार्टफोन-टैबलेट को अनुदान योजना में शामिल करने और सभी जिलों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए कई बड़े फैसलों की घोषणा की है। मंगलवार को लखनऊ स्थित योजना भवन के 'वैचारिकी' सभागार में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से गठित राज्य सलाहकार बोर्ड (State Advisory Board on Disability) की आठवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने की।
बैठक की शुरुआत विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने मंत्री का स्वागत कर की। इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विधायक, विधान परिषद सदस्य, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और दिव्यांगजन कल्याण से जुड़े विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य सलाहकार बोर्ड का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, समावेशी विकास को गति देना और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल और जनपद में विशेष शिविर लगाए जाएं ताकि दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें और उनका लाभ आसानी से उठा सकें।
अब विकास प्राधिकरणों में मिलेगा 5 प्रतिशत आरक्षण
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय विकास प्राधिकरणों में दुकानों के आवंटन को लेकर रहा।
मंत्री ने निर्देश दिए कि यूपीडा और सभी औद्योगिक एवं विकास प्राधिकरणों में दिव्यांगजनों के लिए 3 प्रतिशत की बजाय 5 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था काफी पहले लागू हो जानी चाहिए थी और अब इसे जल्द प्रभावी बनाया जाए।

पेंशन योजनाओं में भी बड़ी राहत
बैठक में दिव्यांग पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान राशि बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 10 लाख 44 हजार 22 पात्र दिव्यांगजन इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
वहीं कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 3000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं तथा चालू वित्तीय वर्ष में 13,734 लाभार्थियों को इसका लाभ मिला है।
स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर भी अब अनुदान में शामिल
दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों की योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है।
सरकार ने कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों की अनुदान सीमा बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी है।
अब इस योजना में—
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स्मार्टफोन
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टैबलेट
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डेजी प्लेयर
को भी शामिल कर लिया गया है।
इसके अलावा 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले 16 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को 25 हजार रुपये तक का अनुदान देने की व्यवस्था भी लागू रहेगी।

हर जिले में मिलेंगी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 15 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों की आवाजाही को अधिक आसान और स्वतंत्र बनाना है।
दुकान निर्माण के लिए मिलने वाला अनुदान पूरी तरह ग्रांट बनेगा
बैठक में स्वरोजगार योजनाओं की भी समीक्षा हुई।
अब तक दुकान निर्माण के लिए 20 हजार रुपये और संचालन के लिए 10 हजार रुपये सहायता दी जाती थी।
अब इन दोनों राशियों को पूर्ण अनुदान (Grant) में बदलने का निर्णय लिया गया है, जिससे दिव्यांगजन बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपना रोजगार शुरू कर सकें।
विशेष विद्यालयों और छात्रवृत्ति पर भी जोर
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में—
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21 विशेष विद्यालय
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7 समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय
संचालित किए जा रहे हैं।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को ब्रेल पद्धति से शिक्षा दी जा रही है।
इसके साथ ही छात्रवृत्ति बढ़ाकर 4000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।

डे-केयर सेंटरों में 1431 बच्चे पंजीकृत
प्रदेश में 3 से 7 वर्ष आयु वर्ग के दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं मानसिक रूप से विशेष बच्चों के लिए 25 डे-केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
इन केंद्रों में वर्तमान में 1431 बच्चे पंजीकृत हैं।
यूडीआईडी कार्ड प्रक्रिया होगी और आसान
बैठक में यूनीक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड को लेकर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
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आवेदन प्रक्रिया सरल बनाई जाए।
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पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
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अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजन यूडीआईडी कार्ड बनवा सकें।
उन्होंने कहा कि इसी कार्ड के माध्यम से अधिकांश सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

हर जिले में लगेंगे विशेष शिविर
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
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चिकित्सा परीक्षण
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दिव्यांग प्रमाण पत्र
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यूडीआईडी कार्ड
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सहायक उपकरण वितरण
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पंजीकरण
के लिए नियमित विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सरकारी भवन होंगे दिव्यांग-अनुकूल
बैठक में सार्वजनिक भवनों की सुगमता (Accessibility) पर भी विशेष जोर दिया गया।
सरकार ने निर्देश दिए कि चिन्हित सरकारी भवनों का एक्सेस ऑडिट कराया जाए तथा वहां—
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रैम्प
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हैंडरेल
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दिव्यांग अनुकूल शौचालय
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टैक्टाइल पथ
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संकेतक बोर्ड
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि दिव्यांगजन बिना किसी बाधा के सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकें।

सरकार का लक्ष्य—सिर्फ सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है बल्कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि पुनर्वास कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और तकनीकी सहायता के जरिए दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी, विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, रामवीर सिंह, प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक अमित सिंह एवं रणजीत सिंह सहित उच्च शिक्षा, बेसिक शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास, औद्योगिक विकास, श्रम, परिवहन, खाद्य एवं रसद, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और दिव्यांगजन क्षेत्र के विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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