नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित सिटी ई-बस सेवा को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। जून 2026 से शुरू हुई 100 ई-बसों की सेवा में जुलाई के मुकाबले अगस्त में यात्रियों की संख्या 1.50 लाख से बढ़कर 3.40 लाख हो गई। मांग को देखते हुए नोएडा क्षेत्र में जल्द 25 अतिरिक्त ई-बसें जोड़ने और नए रूट बनाने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है—कम किराए में ऐसी सुविधा मिले, जिससे शहर के साथ गांवों और दूर-दराज के सेक्टरों को भी आसानी से जोड़ा जा सके। अब सिटी ई-बस सेवा इस दिशा में तेजी से लोगों की पसंद बनती दिखाई दे रही है।
15 जून 2026 से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों में जनसुविधा के लिए कम किराया दरों पर 100 ई-बसों का संचालन शुरू किया गया था। इन बसों में 50 नोएडा क्षेत्र, 25 ग्रेटर नोएडा और 25 बसें यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित की जा रही हैं।
शुरुआत के कुछ ही महीनों में यात्रियों की संख्या में जिस तरह का उछाल आया है, उसने अब ई-बस सेवा के विस्तार की जरूरत को भी सामने ला दिया है।
जुलाई में 1.50 लाख यात्री, अगस्त में आंकड़ा 3.40 लाख पहुंचा
ई-बस सेवा को आमजन से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया का सबसे बड़ा संकेत यात्रियों की बढ़ती संख्या है।
आंकड़ों के मुताबिक जुलाई महीने में इन बसों से सफर करने वाले यात्रियों की कुल संख्या करीब 1.50 लाख थी। अगस्त में यही आंकड़ा बढ़कर लगभग 3.40 लाख हो गया।
यानी केवल एक महीने में यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ई-बसों से प्राप्त होने वाले राजस्व में भी लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है।
यात्रियों की यह बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि कम किराए वाली सार्वजनिक परिवहन सेवा को नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोग तेजी से अपना रहे हैं।
गांवों और सेक्टरों से भी बढ़ी बसें बढ़ाने की मांग
ई-बसों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब विभिन्न गांवों और शहर के अलग-अलग सेक्टरों के लोगों की ओर से बसों की संख्या बढ़ाने की मांग भी सामने आने लगी है।
लोगों ने सिटी ई-बसों के नए रूट बनाए जाने का भी अनुरोध किया है, ताकि वर्तमान रूट से बाहर रहने वाले क्षेत्रों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सके।
आमजन की इसी मांग को देखते हुए नोएडा क्षेत्र में वर्तमान बसों की संख्या में जल्द 25 अतिरिक्त ई-बसें जोड़ने का प्रस्ताव है।
अगर यह विस्तार होता है तो नोएडा में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता और बेहतर होने की उम्मीद है।
नए रूटों के लिए सर्वे शुरू
सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाने पर ही काम नहीं किया जा रहा है। नए रूटों के लिए भी सर्वे किया जा रहा है।
इस सर्वे का उद्देश्य ऐसे गांवों और सेक्टरों की पहचान करना है, जहां सार्वजनिक परिवहन की जरूरत ज्यादा है और जिन्हें ई-बस सेवा से जोड़ा जा सकता है।
यानी आने वाले समय में ई-बस सेवा का नेटवर्क सिर्फ मौजूदा प्रमुख मार्गों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मांग और जरूरत के आधार पर इसका विस्तार किए जाने की तैयारी है।
नोएडा में फिलहाल 5 रूटों पर चल रही 50 ई-बसें
नोएडा क्षेत्र में फिलहाल 50 ई-बसें पांच अलग-अलग रूटों पर संचालित हो रही हैं। इन रूटों के जरिए नोएडा को ग्रेटर नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, गाजियाबाद और दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ा गया है।
रूट नंबर-1: बोटैनिकल गार्डन से परीचौक
पहला रूट बोटैनिकल गार्डन से परीचौक, ग्रेटर नोएडा तक है।
इस रूट पर बस गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, होशियारपुर, सेक्टर-51, पर्थला, गौर चौक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक मूर्ति गोलचक्कर और सूरजपुर कलेक्ट्रेट होते हुए परीचौक पहुंचती है।
यह रूट नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
रूट नंबर-2: बोटैनिकल गार्डन से जेवर एयरपोर्ट
दूसरा रूट बोटैनिकल गार्डन से जेवर एयरपोर्ट तक है।
बस सेक्टर-44 छलेरा, एमिटी स्कूल, एक्सप्रेसवे जीरो चेनैज, परी चौक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, दनकौर और रबूपुरा होते हुए जेवर एयरपोर्ट पहुंचती है।
एयरपोर्ट के विस्तार और क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के बीच यह रूट भविष्य में और महत्वपूर्ण हो सकता है।
रूट नंबर-3: बोटैनिकल गार्डन से सूरजपुर कलेक्ट्रेट
तीसरा रूट बोटैनिकल गार्डन से सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक संचालित है।
इसके रास्ते में सेक्टर-37 अंडरपास, छलेरा, अगाहपुर, बरौला, सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-75 मेट्रो स्टेशन, नॉर्थआई चौक, सेक्टर-116, सेक्टर-78, सैमसंग फेस-2, फूल मंडी, कुलेसरा और सूरजपुर शामिल हैं।
यह रूट नोएडा के कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है।
रूट नंबर-4: बोटैनिकल गार्डन से नया बस अड्डा गाजियाबाद
चौथा रूट बोटैनिकल गार्डन से नया बस अड्डा गाजियाबाद तक है।
इसमें गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, सेक्टर-52, साईं मंदिर सेक्टर-61, सेक्टर-62, प्रताप विहार गाजियाबाद और RRTS स्टेशन गाजियाबाद प्रमुख पड़ाव हैं।
इस रूट से नोएडा और गाजियाबाद के बीच यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का एक और विकल्प मिलता है।
रूट नंबर-5: बोटैनिकल गार्डन से आनंद विहार
पांचवां रूट बोटैनिकल गार्डन से आनंद विहार बस स्टेशन तक संचालित है।
बस सेक्टर-16, नोएडा प्रवेश गेट सेक्टर-14ए, अक्षरधाम और कौशांबी होते हुए आनंद विहार पहुंचती है।
इस तरह पांचों रूट नोएडा को ग्रेटर नोएडा, जेवर, गाजियाबाद और दिल्ली के प्रमुख इलाकों से जोड़ रहे हैं।
शिकायत और सुझाव के लिए हेल्पलाइन भी जारी
ई-बस सेवा से जुड़ी किसी शिकायत या सुझाव के लिए 1800-180-2877 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। आमजन इस नंबर पर सेवा से संबंधित शिकायत, समस्या या सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
अब जब यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, बसों की संख्या बढ़ाने और नए रूट तैयार करने की मांग भी सामने आ रही है। ऐसे में अगले चरण में 25 नई ई-बसों का जुड़ना और नए रूटों का चयन काफी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल तस्वीर साफ है—जून में शुरू हुई ई-बस सेवा कुछ ही महीनों में यात्रियों की पसंद बनने लगी है। जुलाई के 1.50 लाख यात्रियों से अगस्त में 3.40 लाख तक पहुंचा आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत दे रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रस्तावित 25 नई बसें कब सड़कों पर उतरती हैं और नए सर्वे के बाद किन गांवों और सेक्टरों को इस सेवा से जोड़ा जाता है। क्योंकि बढ़ती मांग ने साफ कर दिया है कि नोएडा-NCR में लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा महसूस हो रही है।
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