गौतमबुद्धनगर के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इटहेरा में धर्मेश इंडस्ट्रीज की मसाला निर्माण इकाई पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारा। विभाग के अनुसार, लगभग 3,759 किलो सामग्री सीज की गई, पीले-लाल रंग और भूसी सहित 13 नमूने जांच के लिए लिए गए। संबंधित के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है और लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
शारदीय नवरात्रि का पर्व नजदीक है। इस दौरान घरों से लेकर मंदिरों तक पूजा-पाठ और व्रत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। बाजारों में मसालों और खाद्य पदार्थों की मांग भी बढ़ती है। ऐसे समय में खाने-पीने की चीजों की शुद्धता को लेकर कोई लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है।
इसी अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इटहेरा गांव स्थित धर्मेश इंडस्ट्रीज की मसाला निर्माण इकाई पर छापेमारी की गई। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मौके पर मिर्च, हल्दी, धनिया समेत कई तरह की खाद्य सामग्री मिली। इनके साथ पीले और लाल रंग तथा भूसी जैसी सामग्री भी बरामद की गई, जिनके इस्तेमाल को लेकर विभाग ने नमूने संग्रहित किए हैं। कुल 13 नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि लगभग 3,759 किलोग्राम सामग्री को सीज कर दिया गया। संबंधित के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा इकाई का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर तेज हुआ जांच अभियान
जिला प्रशासन के मुताबिक, आगामी शारदीय नवरात्रि पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है। इसका उद्देश्य जनपद के लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।
इसी क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार देर शाम खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने थाना बिसरख क्षेत्र के अंतर्गत इटहेरा स्थित धर्मेश इंडस्ट्रीज की मसाला निर्माण इकाई में कार्रवाई की। यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही।

विभाग की ओर से बताया गया कि परिसर में विभिन्न प्रकार की सामग्री मिली, जिनका इस्तेमाल मसाला निर्माण में किया जा रहा था। बरामद सामग्री में कुछ ऐसी चीजें भी शामिल थीं, जिन्हें विभाग ने अपमिश्रक की श्रेणी में रखते हुए नमूने जांच के लिए संग्रहित किए।
मिर्च से लेकर हल्दी और धनिया तक, क्या-क्या मिला?
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान परिसर से निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई:
125 किलोग्राम मिर्च के बीज
1,050 किलोग्राम हल्दी पाउडर
315 किलोग्राम धनिया पाउडर
525 किलोग्राम मिर्च पाउडर
360 किलोग्राम धनिया के टुकड़े
140 किलोग्राम साबुत हल्दी
600 किलोग्राम धनिया की डंडी की भूसी
180 किलोग्राम अन्य डंडी और मिर्च के बीज मिली सामग्री
100 किलोग्राम सोयाबीन की बड़ी
300 किलोग्राम साबुत मिर्च
2 किलोग्राम पीला रंग
2 किलोग्राम लाल रंग
60 किलोग्राम सरसों का तेल
विभाग के अनुसार, इन सामग्रियों को मिलाकर मसाले तैयार किए जा रहे थे। मौके पर मिली सामग्री में पीला रंग, लाल रंग और भूसी सहित विभिन्न पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए। कुल 13 नमूने संग्रहित किए गए हैं।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बरामद सामग्री में मौजूद हर पदार्थ को मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक घोषित नहीं किया जा सकता। नमूनों की जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित सामग्री निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है या नहीं। फिलहाल विभाग की कार्रवाई और नमूनों की जांच इस मामले के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
3,759 किलो सामग्री सीज, FIR और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान लगभग 3,759 किलोग्राम सामग्री सीज की गई। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में थाने में FIR दर्ज कराई गई है। विभाग ने इकाई का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू की है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में FIR की धाराओं, मुकदमे में नामजद व्यक्तियों, नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट और लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया की अंतिम स्थिति का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन बिंदुओं पर आगे की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
मसालों की शुद्धता का सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से है। घरों में सब्जी, दाल, अचार और दूसरे व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले मसाले भोजन का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में निर्माण इकाइयों में कच्चे माल के इस्तेमाल, उत्पादन प्रक्रिया और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच जरूरी हो जाती है।
कार्रवाई में शामिल रही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम
इस छापेमारी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह, विशाल कुमार गुप्ता, विजय बहादुर पटेल, रविंद्र नाथ वर्मा, मुकेश कुमार और रितु सक्सैना शामिल रहे। अधिकारियों ने देर रात तक कार्रवाई जारी रखी।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में आगे भी इसी तरह जांच अभियान चलाया जाएगा। खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने संग्रहित कर उनकी जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जनपद के लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें
नवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इटहेरा स्थित धर्मेश इंडस्ट्रीज पर हुई कार्रवाई के बाद अब नमूनों की जांच रिपोर्ट और विभाग की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
फिलहाल विभाग ने सामग्री सीज करने, नमूने लेने और FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जानकारी दी है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रयोगशाला जांच में क्या सामने आता है और उसके आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे कौन-से कदम उठाए जाते हैं।
खाद्य सुरक्षा का उद्देश्य केवल छापेमारी करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि बाजार में पहुंचने वाले खाद्य पदार्थ तय मानकों के अनुरूप हों। त्योहारों के मौसम में ऐसी निगरानी लगातार जारी रहना उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण है।
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