नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्य (The Aranya) सोसाइटी में रविवार को 21वें फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट में AC ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दो फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग की छह गाड़ियों, स्थानीय पुलिस और सीएफओ की निगरानी में घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्य (The Aranya) हाईराइज सोसाइटी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 21वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट से अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। कुछ ही क्षणों बाद फ्लैट की खिड़कियों से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते पूरा इलाका काले धुएं से ढक गया।
ऊंची इमारत से उठती आग की लपटों को देखकर सोसाइटी में रहने वाले लोग अपने-अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए। कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी।
AC ब्लास्ट से शुरू हुई आग, दो फ्लैटों तक पहुंची लपटें
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत फ्लैट में लगे एयर कंडीशनर (AC) में हुए विस्फोट से हुई। बताया जा रहा है कि AC में धमाका होने के बाद आग तेजी से पूरे फ्लैट में फैल गई। कुछ ही देर में आग ने बगल के फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि 21वीं मंजिल से कई फीट ऊंची लपटें दिखाई दे रही थीं। आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस घटना के वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।
दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही गौतमबुद्ध नगर फायर सर्विस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दमकल विभाग की छह गाड़ियों को घटनास्थल पर रवाना किया। ऊंची इमारत में लगी आग को बुझाना आसान नहीं था। दमकल कर्मियों ने विशेष उपकरणों की सहायता से आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।
फायर अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
सीएफओ और पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) गौतमबुद्ध नगर स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे राहत अभियान की निगरानी की। वहीं सेक्टर-113 थाना पुलिस ने भी सोसाइटी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था संभाली और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
फायर विभाग के अनुसार आग को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे ताकि यह अन्य फ्लैटों तक न फैल सके।

इस हादसे के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के फ्लैट में फंसे होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
फायर विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले यह सुनिश्चित किया गया कि सभी निवासी सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। इसके बाद आग बुझाने का अभियान तेज किया गया।
आसमान में छाया काले धुएं का गुबार
आग इतनी भयावह थी कि पूरे सेक्टर-119 क्षेत्र से काले धुएं का विशाल गुबार साफ दिखाई दे रहा था। आसपास की कई सोसाइटी के लोग भी अपने घरों की बालकनी और छतों पर पहुंच गए। कई लोगों ने इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जिनमें आग की भयावहता साफ दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईराइज इमारतों में इस प्रकार की घटनाएं बेहद चुनौतीपूर्ण होती हैं क्योंकि ऊंची मंजिलों तक पहुंचना और आग को नियंत्रित करना सामान्य इमारतों की तुलना में कहीं अधिक कठिन होता है।
हाईराइज सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
अरण्य सोसाइटी में हुई इस घटना ने एक बार फिर हाईराइज इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को नियमित रूप से फायर ड्रिल, इमरजेंसी निकासी अभ्यास और बिजली से जुड़े उपकरणों की समय-समय पर जांच करानी चाहिए। विशेष रूप से एयर कंडीशनर, वायरिंग और अन्य विद्युत उपकरणों की सर्विसिंग में लापरवाही बड़े हादसों का कारण बन सकती है।
क्या था पुलिस और फायर विभाग का आधिकारिक बयान?
पुलिस और फायर विभाग की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार—
"थाना सेक्टर-113 क्षेत्रांतर्गत सेक्टर-119 स्थित अरण्य सोसाइटी के 21वें फ्लोर पर स्थित फ्लैट में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) गौतमबुद्ध नगर तथा स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर मौजूद है। आग बुझाने का कार्य जारी है। अभी तक की जानकारी के अनुसार कोई व्यक्ति फ्लैट में फंसा नहीं है तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।"
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
हालांकि शुरुआती तौर पर आग की वजह AC में ब्लास्ट को माना जा रहा है, लेकिन फायर विभाग का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि कहीं शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी तो इस हादसे की वजह नहीं बनी।
फिलहाल दमकल विभाग द्वारा आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास जारी हैं। आग बुझने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
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