नोएडा पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो NCR की कॉलोनियों, फैक्ट्रियों और पार्किंग स्थलों को निशाना बनाकर बाइक चोरी करता था। चोरी की उन्हीं बाइकों से मोबाइल स्नैचिंग की वारदातें भी अंजाम दी जाती थीं। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में चोरी के वाहन और मोबाइल बरामद किए हैं।
नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही पर 17 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी, 8 चोरी और स्नैचिंग के मोबाइल फोन तथा 3 अवैध चाकू बरामद किए हैं। बरामद वाहनों के संबंध में नोएडा समेत दिल्ली-NCR के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
यह कार्रवाई 07 मई 2026 को थाना फेस-1 पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर की गई। पुलिस ने सेक्टर-8 स्थित एफ-95 के पास से तीनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज उर्फ चीढ़ा, अनिल कुमार उर्फ गोलू और सुशील मिश्रा उर्फ बाबा के रूप में हुई है। तीनों आरोपी नोएडा के छिजारसी गांव के रहने वाले हैं।

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले NCR की कॉलोनियों, सोसाइटियों, कंपनियों और फैक्ट्रियों की रेकी करते थे। इसके बाद पार्किंग में खड़ी बाइक और स्कूटी का लॉक तोड़कर चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वाहनों को अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा जाता था ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी की गई मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं में करते थे। वारदात के बाद वे लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे, जिससे पुलिस के लिए इन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
गिरफ्तार आरोपी सूरज उर्फ चीढ़ा का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और दिल्ली के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी समेत करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सूरज पहले भी कई बार जेल जा चुका है, लेकिन अपराध की दुनिया से बाहर नहीं निकल पाया।

वहीं अनिल कुमार उर्फ गोलू पर भी दिल्ली और नोएडा में वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। सुशील मिश्रा उर्फ बाबा के खिलाफ भी चोरी, वाहन चोरी और आबकारी एक्ट के मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और NCR क्षेत्र में वाहन चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। बरामद 17 मोटरसाइकिल और स्कूटी की पहचान की जा रही है। इनमें से कई वाहन दिल्ली, इंदिरापुरम, कालिंदी कुंज, जामिया नगर, चाणक्यपुरी और नोएडा क्षेत्र से चोरी किए गए थे।
बरामद 8 मोबाइल फोन भी स्नैचिंग की घटनाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। संभावना जताई जा रही है कि चोरी के वाहनों को आगे बेचने के लिए एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। माना जा रहा है कि इस गिरोह का कनेक्शन दिल्ली-NCR के अन्य अपराधियों से भी हो सकता है। पुलिस अब इनसे जुड़े अन्य सदस्यों और खरीदारों की तलाश कर रही है।
नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी और स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। अक्सर सुबह उठकर पार्किंग से बाइक गायब मिलने की घटनाएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी थीं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन पार्क करते समय सुरक्षा उपायों का ध्यान रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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