छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी, यौन अपराधों में 100% दोषसिद्धि और साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस अहम बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। बैठक में कई ऐसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिनका सीधा संबंध देश की सामाजिक सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण से है।
इस बैठक को सिर्फ एक औपचारिक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ विजन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास बात यह रही कि बैठक में कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने और साइबर अपराध से निपटने के लिए राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन जैसी संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व की समस्याओं पर विस्तार से मंथन किया गया।

अमित शाह की अध्यक्षता में बनी रणनीति
बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग को समय की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय ही देश के समग्र विकास की सबसे बड़ी ताकत है। बैठक में कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और सामाजिक योजनाओं को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करने पर गंभीर चर्चा हुई। यौन अपराधों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए राज्यों को मजबूत जांच तंत्र, फास्ट ट्रैक कोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के बेहतर इस्तेमाल पर फोकस करने की सलाह दी गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा संदेश
बैठक के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में सहभाग कर जनकल्याण, सुशासन और क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुपोषण खत्म करने, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सख्त कार्रवाई और साइबर हेल्पलाइन को मजबूत बनाने जैसे विषय देश के भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मंच सहकारी संघवाद और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल को नई दिशा देगा।
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की बैठकें देश को एकजुट विकास मॉडल की ओर आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

कुपोषण और स्कूल ड्रॉपआउट पर फोकस
बैठक में बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे। कुपोषण को देश के विकास में बड़ी बाधा मानते हुए राज्यों के बीच बेहतर पोषण योजनाओं और जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा स्कूल ड्रॉपआउट की बढ़ती समस्या पर भी चिंता व्यक्त की गई। खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों से नई रणनीति अपनाने को कहा गया। माना जा रहा है कि आने वाले समय में केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में संयुक्त अभियान चला सकती हैं।
साइबर अपराध और हेल्पलाइन पर चर्चा
डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध भी बैठक का अहम मुद्दा रहे। राज्यों में साइबर हेल्पलाइन को मजबूत करने और आम लोगों को डिजिटल फ्रॉड से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से निपटने के लिए राज्यों के पुलिस तंत्र को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाया जाए।

क्षेत्रीय विकास और सुशासन पर जोर
मध्य क्षेत्रीय परिषद की इस बैठक में क्षेत्रीय विकास को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। राज्यों के बीच संसाधनों के बेहतर उपयोग, बुनियादी ढांचे के विकास और प्रशासनिक अनुभव साझा करने पर बल दिया गया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की परिषदें न केवल राजनीतिक संवाद को मजबूत करती हैं, बल्कि विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों को साझा कर विकास की नई दिशा भी तय करती हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम रही बैठक
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लोकसभा चुनावों के बाद इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकें बीजेपी शासित राज्यों के बीच समन्वय और रणनीतिक तालमेल को मजबूत करने का संकेत भी मानी जा रही हैं। चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी ने इस बैठक को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
बैठक के जरिए केंद्र सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राज्यों के साथ मिलकर व्यापक रणनीति बनाई जा रही है।
आने वाले दिनों में इस बैठक में लिए गए निर्णयों का असर राज्यों की प्रशासनिक नीतियों और जनकल्याण योजनाओं में देखने को मिल सकता है।
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