सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने, अतिक्रमण हटाने, टेल पर चौपाल और नहरों के हेल्थ स्टेटस की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को दिसंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि कार्य संस्कृति में शिथिलता, लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। गुणवत्ता या समयसीमा में चूक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में प्रमुख सचिव अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता (परिकल्प एवं नियोजन) अशोक कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने वृंदावन-मथुरा स्थित नदी घाटों के विस्तार, नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण परियोजना को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मध्यगंगा नहर (द्वितीय चरण), एरच बहुद्देशीय बाँध, बदायूँ सिंचाई, भौरट बाँध, किच्छा बैराज, रामपुर बैराज, रोहिन नदी परियोजना तथा महाराजगंज में रोहिन बैराज-3 सहित 9 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
गड्ढामुक्ति लक्ष्य 905.70 किमी के सापेक्ष 100% कार्य पूर्ण, जबकि 1495.08 किमी नवीनीकरण लक्ष्य में 1155.17 किमी कार्य पूरा हुआ। रबी 1433 में 50920.677 किमी लक्ष्य के सापेक्ष 54094.798 किमी (106.23%) सिल्ट सफाई तथा 10634 टेल्स में से 9945 (93.52%) तक पानी पहुँचाया गया। शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

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