गाजियाबाद जनपद की तीनों तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 192 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन मौके पर केवल 13 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों ने जनता की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित किए जाने वाले सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन इस बार भी जनपद गाजियाबाद की तीनों तहसीलों में किया गया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में आयोजित इस विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
हालांकि, जनपद भर में कुल 192 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन मौके पर केवल 13 शिकायतों का निस्तारण हो सका। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि जनपद में अभी भी भूमि विवाद, राजस्व मामलों, पुलिस संबंधी शिकायतों और स्थानीय निकायों से जुड़े मुद्दों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
लोनी तहसील में 41 शिकायतें पहुंचीं, 4 मामलों का हुआ समाधान
लोनी तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व (ADM F/R) अंजनी कुमार सिंह एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम लोनी दीपक सिंघनवाल ने संयुक्त रूप से की।
कार्यक्रम के दौरान कुल 41 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें राजस्व विवाद, अवैध कब्जे, सार्वजनिक सुविधाओं की कमी, पुलिस कार्रवाई और स्थानीय समस्याओं से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, मौके पर केवल 4 शिकायतों का निस्तारण किया जा सका। इस दौरान तहसीलदार सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
मोदीनगर तहसील में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता एसडीएम अजीत कुमार सिंह ने की। यहां जनता की भारी भीड़ देखने को मिली।

मोदीनगर तहसील में कुल 98 शिकायतें दर्ज की गईं, जो जनपद की तीनों तहसीलों में सबसे अधिक रहीं। शिकायतों में भूमि विवाद, सड़क एवं जल निकासी की समस्याएं, नगर पालिका से जुड़े मुद्दे, पुलिस शिकायतें तथा सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित मामले शामिल थे।
इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें आने के बावजूद मौके पर केवल एक शिकायत का निस्तारण हो सका। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, नगर पालिका परिषद और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सदर तहसील में अपेक्षाकृत बेहतर रहा निस्तारण
सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता एडीएम एल/ए अवनीश सिंह और एसडीएम अरुण दीक्षित ने की।
यहां कुल 53 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों से जानकारी ली और कई मामलों में तत्काल समाधान भी कराया।
सदर तहसील में प्राप्त शिकायतों में से 8 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया, जो तीनों तहसीलों में सबसे अधिक रहा। कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार सहित राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने के निर्देश
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया है और उनकी नियमित निगरानी की जाएगी।

क्या कहते हैं आंकड़े?
यदि तीनों तहसीलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर काफी दिलचस्प दिखाई देती है।
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लोनी तहसील: 41 शिकायतें, 4 निस्तारित
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मोदीनगर तहसील: 98 शिकायतें, 1 निस्तारित
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सदर तहसील: 53 शिकायतें, 8 निस्तारित
कुल मिलाकर:
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कुल शिकायतें: 192
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मौके पर निस्तारण: 13
यह आंकड़ा दर्शाता है कि जनपद में शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रशासन के सामने उन्हें समयबद्ध तरीके से हल करने की चुनौती भी बनी हुई है।
जनता की उम्मीदें और प्रशासन की जिम्मेदारी
सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों तक पहुंच उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। बड़ी संख्या में शिकायतों का आना यह दर्शाता है कि लोग इस व्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन मौके पर कम संख्या में शिकायतों का निस्तारण प्रशासन के लिए चिंतन का विषय भी है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लंबित 179 शिकायतों का समाधान कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाता है। यदि इन मामलों में समयबद्ध कार्रवाई होती है तो निश्चित रूप से यह पहल जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी।
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