मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में 290 करोड़ रुपये से अधिक की 245 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कहा कि अयोध्या अब उपेक्षा और तिरस्कार का प्रतीक नहीं बल्कि सनातन संस्कृति, विकास और वैश्विक आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने रामायण वैक्स म्यूजियम और जोनल कार्यालय भवन का उद्घाटन भी किया तथा उत्कृष्ट सफाई कर्मियों को सम्मानित किया।
कभी उपेक्षा, संघर्ष और राजनीतिक विवादों के कारण चर्चा में रहने वाली अयोध्या आज विकास, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया प्रतीक बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में 290 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 245 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि आज की अयोध्या न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रामायण वैक्स म्यूजियम और नगर निगम के जोनल कार्यालय भवन का भी लोकार्पण किया। उन्होंने रामायण वैक्स म्यूजियम का अवलोकन किया और नगर निगम की विकास पुस्तिका का विमोचन भी किया।
"40 साल पहले अयोध्या देखकर दिल को ठेस पहुंची थी"
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि लगभग 40 वर्ष पहले उन्हें पहली बार अयोध्या में दर्शन करने का अवसर मिला था। उस समय की स्थिति देखकर उनका मन व्यथित हो गया था।

उन्होंने कहा कि वह रामजन्मभूमि आंदोलन का दौर था। वातावरण में संघर्ष था, सन्नाटा था और लोग भयभीत रहते थे। उस समय की सरकारों की मंशा भी अयोध्या के प्रति सकारात्मक नहीं थी। लेकिन गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियां इस आंदोलन से जुड़ी रही थीं, इसलिए अयोध्या को देखने और समझने की उत्सुकता हमेशा बनी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब न कोई रामभक्तों पर लाठी चला सकता है, न गोली चला सकता है और न ही कोई प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने का साहस कर सकता है।
रामलला के भव्य मंदिर ने बदली अयोध्या की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भगवान श्रीरामलला के भव्य मंदिर का निर्माण संभव हुआ है, जिसने अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी सौभाग्यशाली है, जिसने रामलला के भव्य मंदिर निर्माण और उसके दिव्य स्वरूप को अपनी आंखों से देखा है। इससे पहले की पीढ़ियां वर्षों तक संघर्ष करती रहीं, लेकिन अपने संकल्प से कभी पीछे नहीं हटीं।

2017 की अयोध्या और आज की अयोध्या में जमीन-आसमान का अंतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी मिली तो अयोध्या की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। शहर की गलियां संकरी थीं, जगह-जगह गंदगी फैली रहती थी, बिजली आपूर्ति सीमित थी और राम की पैड़ी की स्थिति भी बेहतर नहीं थी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने उसी वर्ष दीपोत्सव की शुरुआत की थी। जो आयोजन शुरू में सीमित स्तर पर हुआ था, आज वह विश्वस्तरीय उत्सव बन चुका है, जिसमें लाखों लोग भागीदारी करते हैं और पूरी दुनिया की नजरें अयोध्या पर टिकी रहती हैं।
स्वच्छता अभियान ने बदली अयोध्या की पहचान
मुख्यमंत्री ने 31 मई को नगर निगम द्वारा महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की भागीदारी से चले इस अभियान ने अयोध्या की सकारात्मक छवि को और मजबूत किया है।
उन्होंने नगर निगम के पार्षदों और नागरिकों से कहा कि वे केवल शहर के निवासी नहीं हैं, बल्कि दुनिया की सबसे संभावनाशील आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी के प्रतिनिधि भी हैं।

अयोध्या को बदनाम करने की साजिश पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उन लोगों पर भी निशाना साधा जो अयोध्या के विकास और धार्मिक महत्व पर सवाल उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को महर्षि वाल्मीकि के नाम से आपत्ति थी और जो अयोध्या के विकास का विरोध करते थे, वही लोग आज भी समाज में जहर घोलकर इस पवित्र नगरी को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह भी आपत्ति है कि रैन बसेरा निषादराज के नाम पर क्यों बनाया गया और भोजनालय का नाम मां शबरी के नाम पर क्यों रखा गया। ऐसे लोग पहले भी भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न उठाते थे और आज भी समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो चुकी है अयोध्या
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोरलेन सड़कों और रेलवे की डबल लाइन से जुड़ चुकी है। यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा संचालित हो रहा है और शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में विकास कार्यों के लिए सरकार ने कभी धन की कमी नहीं होने दी। अब तक 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं अयोध्या को दी जा चुकी हैं।
रामायण वैक्स म्यूजियम बनेगा नया आकर्षण
मुख्यमंत्री ने नगर निगम के नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित रामायण वैक्स म्यूजियम पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए नया आकर्षण बनेगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि रामायण वाटिका में आधुनिक स्क्रीन लगाई जाएं, जहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक रामायण की चौपाइयों को सुन सकें और उसके प्रसंगों को समझ सकें।

सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं का निर्माण जितना महत्वपूर्ण है, उनका संरक्षण उससे भी अधिक आवश्यक है। यदि समाज सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा करेगा तो आने वाली पीढ़ियां भी इन सुविधाओं का लाभ लंबे समय तक उठा सकेंगी।
उन्होंने लोगों से जल संरक्षण के लिए जागरूक होने की अपील की और कहा कि अल-नीनो के प्रभाव के कारण भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए प्रत्येक नागरिक से ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छायादार, फलदार, औषधीय और इमारती लकड़ी वाले पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने अयोध्या में रामायणकालीन पौधों और वृक्षों पर आधारित विशेष वाटिका विकसित करने का भी सुझाव दिया।
उत्कृष्ट सफाई कर्मचारियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली सफाई कर्मचारी ललिता देवी, रागिनी और गीता देवी को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ अयोध्या के निर्माण में सफाई कर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा, रामू प्रियदर्शी, इंद्र प्रताप तिवारी 'खब्बू' सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
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