अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक दिवसीय दौरा किया। रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू आरती घाट का निरीक्षण कर अधिकारियों से कार्यों की प्रगति जानी। मुख्यमंत्री ने आयोजन को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए समयसीमा में काम पूरा करने, पर्याप्त सीसीटीवी लगाने और भीड़ व पार्किंग प्रबंधन मजबूत रखने के निर्देश दिए।
रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज हैं और इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर रामकथा पार्क के समीप बने हेलीपैड पर उतरा, जहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री बिना देर किए रामकथा पार्क पहुंचे और दीपोत्सव से जुड़े कार्यों का स्थलीय निरीक्षण शुरू किया।
मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं, निर्माण कार्यों और तैयारियों की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली कि अब तक कौन-कौन से काम पूरे हो चुके हैं और किन कार्यों को पूरा किया जाना बाकी है। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपोत्सव से जुड़े सभी काम निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं।
आयोजन भव्य होने के साथ-साथ सुव्यवस्थित और सुरक्षित भी होना चाहिए, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

राम की पैड़ी और सरयू आरती घाट पर व्यवस्थाओं की पड़ताल
रामकथा पार्क के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री राम की पैड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने सरयू आरती घाट का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को देखा। इसके बाद राम की पैड़ी पर तैयार किए जा रहे मंच का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। ऐसे में घाटों, मार्गों और आयोजन स्थलों पर आवागमन, दर्शन और अन्य सुविधाओं का प्रबंधन पहले से दुरुस्त रहना चाहिए। किसी भी श्रद्धालु को आवाजाही या दर्शन के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और लगातार निगरानी जरूरी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर खास जोर, सीसीटीवी और पार्किंग की होगी अहम भूमिका
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल निर्माण कार्यों की समयसीमा पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोजन स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण और पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
दीपोत्सव में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं को पहले से मजबूत रखने पर जोर दिया। उनका निर्देश था कि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से आवागमन तथा दर्शन का अवसर मिले।

हनुमानगढ़ी में बजरंगबली और रामलला के दरबार में किया दर्शन-पूजन
दीपोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दर्शन-पूजन के लिए रवाना हुए। अपनी प्रत्येक अयोध्या यात्रा की तरह इस बार भी उन्होंने हनुमानगढ़ी पहुंचकर विराजमान बजरंगबली के दर्शन किए। इसके बाद रामजन्मभूमि परिसर में बने भव्य मंदिर में रामलला के सामने माथा टेका और पूजा-अर्चना की।
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थित यात्री सुविधा केंद्र के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान दीपोत्सव की तैयारियों के साथ-साथ अयोध्या के विकास से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। यानी मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल आयोजन स्थल के निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति भी समीक्षा के दायरे में रही।
प्रभारी मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री तथा अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही मौजूद रहे।

उनके साथ महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोली सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान और अभय सिंह भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल, सहकारी बैंक के सभापति धर्मेंद्र प्रताप सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ रहे और उन्हें तैयारियों की जानकारी दी।
अब तय समयसीमा में पूरी करनी होंगी तैयारियां
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद दीपोत्सव से जुड़े विभागों के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी सभी कार्यों को तय समय पर पूरा करने की है। रामकथा पार्क से लेकर राम की पैड़ी और सरयू आरती घाट तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना होगा। साथ ही सीसीटीवी, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान रखना होगा।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तैयारियों को कितनी तेजी से अंतिम रूप दिया जाता है और दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कैसी व्यवस्थाएं मिलती हैं।
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