मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित गाजियाबाद दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, यातायात, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित गाजियाबाद कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम किस तरह व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जाए, आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और कार्यक्रम स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी न रहे—इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी हैं।
इसी सिलसिले में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, यातायात संचालन, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, पुलिस और प्रशासन के बीच रहेगा समन्वय
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें और कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुरूप सभी प्रबंध सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ वहां तक पहुंचने वाले निर्धारित मार्गों पर भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी संभावित समस्या को पहले से ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी की जाए, ताकि कार्यक्रम के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।
ट्रैफिक और पार्किंग का ऐसा इंतजाम हो कि आमजन न हों परेशान
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था एक महत्वपूर्ण चुनौती हो सकती है। बड़ी संख्या में वाहनों और लोगों की आवाजाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल और निर्धारित मार्गों पर यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए पहले से कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए। वाहनों की पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित किए जाएं, जिससे सड़क पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने और आम नागरिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसके साथ ही यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी आमजन तक समय से पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य यह है कि कार्यक्रम के दिन नागरिकों को अचानक रास्ता बंद होने या यातायात परिवर्तन के कारण अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
भीड़ नियंत्रण से लेकर आपातकालीन व्यवस्था तक रहेगी तैयारी
बैठक में भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
साफ-सफाई, पेयजल और बिजली पर भी प्रशासन का फोकस
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन का ध्यान केवल सुरक्षा और यातायात तक सीमित नहीं है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास साफ-सफाई की उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य मूलभूत सुविधाओं को समय से सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और किसी भी विभाग की लापरवाही के कारण अव्यवस्था की स्थिति न बने।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, उनका निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करें। सभी विभाग आपसी तालमेल बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करें, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
समीक्षा बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में आयोजित इस बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर (एड.सीपी) राज करन नय्यर, नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, सभी अपर जिलाधिकारी (एडीएम), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हुई इस समीक्षा बैठक से साफ है कि जिला प्रशासन सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को लेकर पहले से तैयारी सुनिश्चित करना चाहता है। अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि बैठक में दिए गए निर्देशों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारें, ताकि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनी रहे और आमजन को कम से कम असुविधा हो।
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