लखनऊ में आयोजित ‘Eat Right Summit’ में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार को अपनाने की जरूरत बताई। उन्होंने श्रीअन्न, मिलेट्स, प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने, FPO और स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने तथा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और आम लोगों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए कृषि उत्पादन के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण, प्राकृतिक खेती और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में मंगलवार को लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में आयोजित ‘Eat Right Summit’ में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वस्थ खान-पान से लेकर किसानों की उपज को बेहतर बाजार दिलाने तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने तत्कालिक स्वाद के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से बचने की सलाह दी, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेल की खपत कम करने और चीनी का सेवन घटाने के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मार्च 2026 में भी चीनी का सेवन कम करने और खाना पकाने के तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी लाने का आह्वान किया था।
गांव की थाली से बड़े होटलों के मेन्यू तक पहुंचा श्रीअन्न
केशव प्रसाद मौर्य ने भारत की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे खान-पान में पहले से ही कई ऐसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ मौजूद रहे हैं, जिन्हें अब आधुनिक जीवनशैली में दोबारा अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने चना, सरसों का साग, मक्के और बाजरे की रोटी जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, गांवों में बचपन से खाए जाने वाले ये खाद्य पदार्थ अब बड़े होटलों के मेन्यू का हिस्सा बन रहे हैं। यह बदलाव लोगों में स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता को लेकर बढ़ती जागरूकता का संकेत है।
डिप्टी सीएम ने श्रीअन्न और मिलेट्स को भारत की पारंपरिक खाद्य विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के रूप में मनाए जाने से देश और दुनिया में मोटे अनाज के प्रति जागरूकता बढ़ी। उन्होंने कहा कि मिलेट्स पोषण के लिहाज से महत्वपूर्ण होने के साथ किसानों के लिए भी उपयोगी हैं। इनके उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
ऑर्गेनिक और प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग का किसानों को मिले लाभ
केशव प्रसाद मौर्य ने प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके उत्पादन की प्रक्रिया को लेकर भी पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं।
प्राकृतिक तरीके से तैयार किए जाने वाले उत्पादों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। ऐसे में किसानों को बाजार की इस बदलती मांग का सीधा लाभ मिलना जरूरी है। सरकार गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि संतुलित आहार केवल व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे परिवार की भी जिम्मेदारी है। बच्चों की खान-पान की आदतों पर परिवार के बड़े सदस्यों के व्यवहार का प्रभाव पड़ता है। यदि घर के बड़े स्वयं स्वस्थ और संतुलित भोजन को प्राथमिकता देंगे, तो बच्चों में भी बेहतर खान-पान की आदतें विकसित होंगी।

FPO और स्वयं सहायता समूह बनेंगे बाजार की कड़ी
डिप्टी सीएम ने किसानों और स्वयं सहायता समूहों की क्षमता का उपयोग गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद तैयार करने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठन यानी FPO और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खाद्य उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इन उत्पादों को बेहतर बाजार से जोड़ने पर किसानों और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ सकती है। साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध होंगे।
यह मॉडल केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्पादन से प्रसंस्करण और फिर बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
फूड प्रोसेसिंग में यूपी के लिए बड़ा अवसर
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ फलों, सब्जियों और अन्य शीघ्र खराब होने वाले उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण की आवश्यकता भी बढ़ती है। पर्याप्त भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाएं नहीं होने पर कई बार किसानों की उपज खेत से बाजार तक पहुंचने के दौरान ही खराब हो जाती है।
इसी चुनौती को देखते हुए सरकार भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं।
कृषि उपज को प्रसंस्कृत कर मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलने से किसानों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। प्रदेश सरकार निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की संभावनाओं का उपयोग करने की दिशा में काम कर रही है।
खाद्य गुणवत्ता और शुद्धता पर भी सरकार का जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर सजग है। समय-समय पर अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने खाद्य पदार्थों के निर्माण, बिक्री और वितरण से जुड़े लोगों से भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझने की अपील की। साथ ही उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और शुद्धता के बारे में जानकारी हासिल करने और जागरूक होकर खरीदारी करने की सलाह दी।
उन्होंने ‘Eat Right Summit’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षित, स्वस्थ और संतुलित भोजन को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। खाद्य उत्पादकों, व्यापारियों, विशेषज्ञों, अभिभावकों और आम नागरिकों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।
उनका संदेश स्पष्ट रहा—भोजन का चुनाव केवल तत्कालिक स्वाद को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अपने स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। संतुलित आहार, सुरक्षित खाद्य पदार्थ और स्वस्थ जीवनशैली को स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की मजबूत आधारशिला बताते हुए उन्होंने श्रीअन्न, प्राकृतिक उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण को किसानों की आय से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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