गाजियाबाद में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना की तैयारियों को लेकर जिला जनगणना समन्वयक समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने, प्रगणक ब्लॉकों के पुनर्गठन, प्रशिक्षण और स्व-गणना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी।
गाजियाबाद में जनगणना 2027 की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। जनसंख्या से जुड़े इस बड़े राष्ट्रीय कार्य को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों की समयसीमा तय कर दी है। जिला जनगणना समन्वयक समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि जनगणना का काम निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार गुणवत्तापूर्वक पूरा हो सके।
30 सितंबर तक फील्ड ट्रेनरों की नियुक्ति
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य के लिए फील्ड ट्रेनरों की नियुक्ति 30 सितंबर 2026 तक पूरी कर उन्हें नियुक्ति पत्र उपलब्ध करा दिए जाएं। इन फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित कराया जाएगा।
इसके साथ ही प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार कर जारी करने को भी कहा गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि फील्ड में उतरने वाले कार्मिकों को पहले से पूरी तरह प्रशिक्षित किया जाए, ताकि जनगणना के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रक्रियागत परेशानी सामने न आए।

5 अक्टूबर तक प्रगणक और सुपरवाइजर की नियुक्ति
जिलाधिकारी ने प्रगणक एवं सुपरवाइजरों की नियुक्ति कर पर्याप्त कार्मिक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह प्रक्रिया 5 अक्टूबर 2026 तक पूरी करनी होगी। वहीं, प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन 7 अक्टूबर 2026 तक सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रत्येक चार्ज में निर्धारित प्रशिक्षण स्थल पर प्रगणक एवं सुपरवाइजर का प्रशिक्षण 30 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराया जाना है।
850 से ज्यादा आबादी वाले प्रगणक ब्लॉक होंगे विभाजित
जनगणना को व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए प्रगणक ब्लॉकों के पुनर्गठन पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 850 से अधिक जनसंख्या वाले प्रगणक ब्लॉकों को विभाजित कर नए प्रगणक ब्लॉक बनाए जाएं।
वहीं, जिन प्रगणक ब्लॉकों की जनसंख्या 800 से 850 से कम है और ऐसी स्थिति में दो या अधिक ब्लॉकों की कुल आबादी 800 से 850 के बीच आती है, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार एक प्रगणक ब्लॉक के रूप में आवंटित किया जाएगा।
यानी जनसंख्या के हिसाब से फील्ड स्तर पर काम का संतुलन बनाने की तैयारी है, ताकि प्रगणकों पर अनावश्यक कार्यभार न पड़े और आंकड़ों के संकलन में भी सटीकता बनी रहे।
सीएमएमएस और एचएलबीसी पोर्टल पर भी तैयारी
बैठक में डिजिटल प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सीएमएमएस पोर्टल पर जनगणना से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करने को कहा।
पोर्टल शुरू होने के बाद प्रगणक ब्लॉक के निर्माण कार्य तथा एचएलबीसी पोर्टल के माध्यम से सब-ईबी के सीमांकन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। सीएमएमएस पोर्टल पर सब-ईबी का कार्य पूरा होने के बाद एएचएल डाउनलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विशेष चार्जों पर भी प्रशासन की नजर
जनपद के विशेष चार्जों की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। जिलाधिकारी ने हिन्डन एयर फोर्स, ओएनजीसी फैक्ट्री मुरादनगर सहित अन्य संस्थानों में जनगणना कार्य के लिए चार्ज अधिकारी तथा प्रगणक/सुपरवाइजर के रूप में नामित कर्मचारियों का विवरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना
जनगणना 2027 की प्रक्रिया में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना का कार्य चलेगा। इसके लिए आम लोगों को जागरूक करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक चार्ज में स्व-गणना को लेकर कार्ययोजना तैयार करने और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया को समझ सकें और निर्धारित अवधि में अपनी जानकारी उपलब्ध करा सकें।
बिना अनुमति ड्यूटी नहीं काट सकेंगे अधिकारी
बैठक में जिलाधिकारी ने जनगणना ड्यूटी में लगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति की निगरानी और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। अनुपस्थित पाए जाने वाले कार्मिकों के खिलाफ तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना जनगणना में नियुक्त प्रगणक और पर्यवेक्षक की ड्यूटी नहीं काटी जाएगी। किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा जनगणना कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही बरती गई तो जनगणना अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनगणना निदेशालय की ओर से जारी पत्रों और निर्देशों का अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्य करने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम एफ/आर, जिला सूचना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अब असली चुनौती तय समयसीमा में इन तैयारियों को जमीन पर उतारने की है। फील्ड ट्रेनरों से लेकर प्रगणकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, प्रगणक ब्लॉकों के पुनर्गठन और स्व-गणना के प्रचार तक प्रशासन के सामने कई अहम पड़ाव हैं। इन सभी चरणों की समयबद्ध तैयारी ही जनगणना 2027 की अगली प्रक्रिया की मजबूत नींव तय करेगी।
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