उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में पर्यटन की भूमिका पर लखनऊ में समीक्षा बैठक हुई। जयवीर सिंह ने डेलॉयट को कार्ययोजना के तेजी से क्रियान्वयन, नाइट विजन कैमरों और वास्तविक पर्यटक आंकड़ों के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की रणनीति में पर्यटन क्षेत्र को अहम भूमिका दी जा रही है। इसी लक्ष्य को लेकर मंगलवार को गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन के सभागार में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों ने डेलॉयट संस्था द्वारा तैयार कार्ययोजना और उसकी प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने डेलॉयट के प्रतिनिधियों को साफ निर्देश दिए कि करीब दो वर्षों से तैयार की जा रही कार्ययोजना का असर अब जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संस्था की अब तक की प्रगति पर असंतोष जताते हुए कहा कि प्रस्तावित योजनाओं पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जाए और केवल योजना बनाने तक सीमित न रहा जाए, बल्कि उसके क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नाइट विजन कैमरों से होगी पर्यटकों की वास्तविक गिनती
बैठक में पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों के वास्तविक आंकड़ों को लेकर खास जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि नैमिषारण्य और उसके आसपास के तीर्थ स्थलों, विंध्याचल धाम तथा चित्रकूट के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर नाइट विजन कैमरे लगाए जाएं।
निर्देश है कि इन कैमरों की स्थापना 15 नवंबर तक पूरी करने और उन्हें दिसंबर तक चालू स्थिति में लाने का हरसंभव प्रयास किया जाए। इसका उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों की संख्या का अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय आकलन करना है।
जयवीर सिंह ने प्रदेश में मौजूद रेस्टोरेंट और ढाबों की संख्या का भी वास्तविक आंकड़ा जुटाने को कहा। साथ ही पर्यटन के 14 सर्किट के अंतर्गत आने वाले 60 जनपदों के वास्तविक आंकड़ों और पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

पर्यटन मंत्री ने डेलॉयट को काशी, विंध्याचल धाम और नैमिषारण्य में निवेश बढ़ाने तथा पर्यटन संसाधनों के प्रचार-प्रसार के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्ययोजना तैयार होने के साथ ही उसके अमल की गति भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में पिछले वर्षों में कई बदलाव हुए हैं। कानून-व्यवस्था के साथ कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। अब प्रदेश के 14 पर्यटन सर्किट से जुड़े स्थलों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म और रोड-शो के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
डेलॉयट के प्रतिनिधियों ने बताया कि जल्द ही विंध्याचल धाम और नैमिषारण्य में पर्यटकों के आगमन तथा उनके अनुभव पर आधारित अभियान चलाया जाएगा। हालांकि मंत्री ने फिर दोहराया कि पर्यटकों की गिनती के आंकड़े वास्तविक और तथ्यपरक होने चाहिए।
मेडिकल टूरिज्म से लेकर होटल निवेश तक बढ़ रहा दायरा
बैठक में पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म को भी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया। अधिकारियों के अनुसार राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के बड़े शहरों में मेडिकल टूरिज्म बढ़ रहा है और इसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या भी उल्लेखनीय है।
डेलॉयट ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में करीब 1,000 होटलों के मानचित्र स्वीकृत हुए हैं। इन होटलों के अस्तित्व में आने से पर्यटकों के ठहरने की क्षमता बढ़ेगी और पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना है। बैठक में उपलब्ध होटलों में पर्यटकों के ठहरने के लिए कमरों की संख्या बढ़ाने की रणनीति पर भी जोर दिया गया।
डेलॉयट के अनुसार महिंद्रा हॉलीडेज ने वाराणसी और अयोध्या में करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। वहीं इमैजिका वर्ल्ड एंटरटेनमेंट लिमिटेड ने ग्रेटर नोएडा में 400 करोड़ रुपये, टक्साल थिएटर ने वाराणसी में 295 करोड़ रुपये, राजदीप इंफ्रा एंड सेल्स ने लखनऊ में 200 करोड़ रुपये तथा आईटीसी होटल्स ने लखनऊ में करीब 350 से 400 करोड़ रुपये के सेवा क्षेत्र निवेश का प्रस्ताव दिया है।

बैठक में बताया गया कि अयोध्या, लखनऊ और मथुरा में सबसे अधिक निवेश प्राप्त हुआ है।
जून 2026 तक 58 करोड़ पर्यटकों के आने का दावा
डेलॉयट प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि पर्यटकों के आगमन और जीएसटी से प्राप्त राजस्व के आंकड़े सकारात्मक हैं। प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और चित्रकूट में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं, जिसका असर होटल व्यवसाय में भी दिखाई दिया है।
संस्था के अनुसार जून 2026 तक करीब 58 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश का भ्रमण किया। इसी आधार पर पर्यटन क्षेत्र को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला क्षेत्र बताया गया। डेलॉयट ने कहा कि पर्यटन सेक्टर के लिए नई रणनीति के साथ कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
अवनीश अवस्थी ने क्रियान्वयन की रफ्तार बढ़ाने को कहा
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने डेलॉयट को कार्ययोजना के क्रियान्वयन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने भी पर्यटकों की संख्या से जुड़े आंकड़ों को तथ्यपरक बनाने पर जोर दिया और अयोध्या, चित्रकूट, विंध्याचल धाम तथा नैमिषारण्य के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प है और इस लक्ष्य को हासिल करने में पर्यटन विभाग की बड़ी भूमिका होगी। अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एमडी उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम आशीष कुमार, उपसचिव पर्यटन चंदन रावत, पर्यटन सलाहकार जे.पी. सिंह, डेलॉयट के कार्तिक सहित अन्य अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि पर्यटन से जुड़े निवेश, पर्यटकों के आंकड़े, बुनियादी ढांचा और प्रचार-प्रसार—इन सभी को एक साथ गति देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की जाए। इसके साथ ही नई पर्यटन नीति को भी प्रस्तावित किया गया है, जिसे जल्द अंतिम रूप दिए जाने की बात कही गई।
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