गाजियाबाद के विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में अंशकालिक अनुदेशकों के बढ़े हुए मानदेय को लेकर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने पर अनुदेशकों में खुशी की लहर देखने को मिली। कार्यक्रम में राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप और एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने अनुदेशकों को सम्मानित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
Narendra Kashyap की मौजूदगी में गाजियाबाद के विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में रविवार को अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि Narendra Kashyap और Shri Chand Sharma द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद जिलाधिकारी Ravindra Kumar Mander और मुख्य विकास अधिकारी Kumar Saurabh ने मुख्य अतिथियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
समारोह के दौरान Yogi Adityanath द्वारा लखनऊ के लोक भवन से दिए गए संबोधन का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने उत्साहपूर्वक देखा और सुना। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान अनुदेशकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मानदेय वृद्धि की घोषणा को लेकर कई अनुदेशक भावुक भी नजर आए।

“सरकार को हर वर्ग की खुशियों की चिंता” – नरेंद्र कश्यप
अपने संबोधन में Narendra Kashyap ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार केवल योजनाएं लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की खुशियों और उनके उज्ज्वल भविष्य की भी चिंता करती है। उन्होंने कहा कि अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करना सरकार की संवेदनशील सोच का परिणाम है।
उन्होंने कहा,
“अनुदेशक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। बच्चों के भविष्य को संवारने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने उनकी मेहनत और समर्पण को सम्मान देने का काम किया है।”
राज्यमंत्री ने सभी अनुदेशकों को बधाई देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में अनुदेशकों की भूमिका किसी शिक्षक से कम नहीं है।
“अनुदेशक बच्चों को आदर्श नागरिक बनाते हैं” – श्रीचंद शर्मा
Shri Chand Sharma ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह सरकार ने शिक्षामित्रों के हित में बड़े फैसले लिए, उसी प्रकार अब अनुदेशकों के लिए भी ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला निश्चित रूप से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा,
“आप सभी बच्चों को केवल पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि उन्हें स्वावलंबी और आदर्श नागरिक बनाने का कार्य भी करते हैं। इसलिए जब शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने की बात आए, तो कभी पीछे मत हटिए।”
उनके संबोधन के दौरान सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।
प्रतीकात्मक चेक वितरण बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का सबसे खास क्षण वह रहा जब जनपद गाजियाबाद के विभिन्न ब्लॉकों—लोनी, मुरादनगर, रजापुर, भोजपुर और नगर क्षेत्र—से चयनित दो-दो अनुदेशकों को प्रतीकात्मक रूप से 17 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
चेक प्राप्त करने वाले अनुदेशकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई अनुदेशकों ने कहा कि पहले 9 हजार रुपये में परिवार चलाना बेहद मुश्किल था, लेकिन अब सरकार के इस फैसले से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
मुख्य विकास अधिकारी Kumar Saurabh ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और अनुदेशकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और अनुदेशकों की भूमिका इसमें बेहद अहम है।

वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी OP Yadav ने सभी अनुदेशकों और बेसिक शिक्षा विभाग की टीम को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि से अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे शिक्षक और अधिकारी
कार्यक्रम का संचालन एसआरजी पूनम शर्मा द्वारा किया गया। समारोह में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. अभिषेक कुमार, जिला समन्वयक डॉ. राकेश, सिंपल चौधरी, कशिश त्यागी, रुचि त्यागी, विजय, शिक्षक संघ से अनुज त्यागी और शिक्षामित्र संघ से रिजवान राणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा एसआरजी और एआरपी टीम के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और सम्मान का माहौल देखने को मिला।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदेशकों के मानदेय में की गई यह वृद्धि शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है। इससे न केवल अनुदेशकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में उनकी भागीदारी और जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।
गाजियाबाद में आयोजित यह सम्मान समारोह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन हजारों अनुदेशकों के सम्मान का प्रतीक बन गया, जो वर्षों से कम मानदेय में भी बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटे हुए हैं।
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