लखनऊ में मंत्री नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
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लखनऊ में 19 मई 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विधान सभा स्थित मंत्री कार्यालय में हुई, जिसकी अध्यक्षता विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने की।
बैठक में राज्य सरकार की उन योजनाओं की समीक्षा की गई जो पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से चलाई जा रही हैं।
सरकार का फोकस: विकास की मुख्यधारा में जोड़ना
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पिछड़े वर्गों के कल्याण और दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के इन वर्गों को केवल योजनाओं का लाभ ही न मिले, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम भी बनाया जाए।
योजनाओं की गहन समीक्षा
बैठक में विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल रहे—
पिछले बैठकों के निर्णयों का अनुपालन
दिव्यांगजन योजनाओं के प्रचार-प्रसार की स्थिति
वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट और कार्ययोजना
विभागीय निर्माण कार्यों की प्रगति
भर्ती और संविदा नियुक्तियों की स्थिति
लंबित मामलों का निस्तारण
इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और शादी अनुदान योजना की भी समीक्षा की गई।
कंप्यूटर प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति पर भी चर्चा
बैठक में ट्रिपल सी और ओ-लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया।
साथ ही यह भी देखा गया कि प्रशिक्षार्थियों को बैंक खातों में शुल्क प्रतिपूर्ति समय से मिल रही है या नहीं।
विश्वविद्यालयों की भूमिका पर जोर
बैठक में दो प्रमुख विश्वविद्यालयों की भूमिका पर भी चर्चा हुई—
डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ
जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट
मंत्री ने दोनों संस्थानों के कुलसचिवों को निर्देश दिए कि दिव्यांग छात्रों को बेहतर शिक्षा और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
मंत्री का सख्त संदेश
नरेन्द्र कश्यप ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि—
योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी और पारदर्शिता के साथ हो
जनजागरूकता और प्रचार-प्रसार को और मजबूत किया जाए
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतर योजनाएं फ्लैगशिप स्कीम के तहत आती हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
कौन-कौन रहे मौजूद?
इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे—
प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह
निदेशक उमेश प्रताप सिंह
संयुक्त निदेशक विकास शर्मा
दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के संयुक्त निदेशक अमित सिंह
दोनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिव
अधिकारियों ने मंत्री को विभाग की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया और सभी निर्देशों के पालन का आश्वासन दिया।
लखनऊ में हुई यह समीक्षा बैठक साफ संकेत देती है कि सरकार अब पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती।
अब लक्ष्य है—
योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को उनका लाभ दिलाना।
अब देखना यह होगा कि आने वाले महीनों में इन निर्देशों का कितना असर जमीनी स्तर पर दिखाई देता है।
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