उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की सभी ग्रामीण विकास योजनाओं पर तेजी, पारदर्शिता और प्रभावी तरीके से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। मनरेगा भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्राम चौपाल, महिला स्वयं सहायता समूहों की ट्रेनिंग और ग्रामीण अधोसंरचना को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए।
लखनऊ में हुई उच्च स्तरीय बैठक, विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को अपने कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर ग्राम्य विकास विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, भुगतान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और ग्राम चौपालों के संचालन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में राज्यमंत्री ग्राम्य विकास विभाग श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग श्री सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग श्री गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्रीमती दीपा रंजन, यूपी आरआरडीए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शिव सहाय अवस्थी, विशेष सचिव श्री जयनाथ यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
“गांव और गरीब का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता”
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता गांव और गरीब का विकास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही हर योजना पर तेजी से काम किया जाए और उसका परिणाम धरातल पर नजर आना चाहिए।

उन्होंने गांवों में जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि गांवों की गलियां ग्रामीणों के लिए “हाईवे” के समान हैं, इसलिए उन्हें व्यवस्थित, साफ और मजबूत बनाया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।
जहां योजना नहीं बनी, वहां तुरंत बने कार्ययोजना
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में अब तक कार्ययोजना तैयार नहीं हुई है, वहां तत्काल प्रभाव से योजना बनाकर कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मनरेगा के तहत लंबित भुगतान को लेकर भी उन्होंने गंभीरता दिखाई और निर्देश दिया कि सभी अवशेष भुगतान बजट के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द किए जाएं।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा पत्र
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि योजना के लक्ष्यों के संबंध में भारत सरकार को पत्र भेजा जाए ताकि जरूरतमंद ग्रामीणों को समय पर आवास उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

1 लाख “दीदियों” की हर महीने होगी ट्रेनिंग
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को मजबूत करने के लिए उपमुख्यमंत्री ने बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1 लाख महिलाओं को हर महीने ग्राम्य विकास संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य किया जाए।
इसके लिए यूपी एसआरएलएम द्वारा प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं की सूची तत्काल राज्य ग्राम विकास संस्थान को भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि तय ट्रेनिंग कैलेंडर के अनुसार प्रशिक्षण हर हाल में पूरा हो।
उन्होंने प्रशिक्षण भुगतान से संबंधित मामलों में राज्य ग्राम्य विकास संस्थान और यूपी एसआरएलएम के अधिकारियों को बैठक कर नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि ट्रेनिंग कार्यक्रमों और योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कार्रवाई की सूची उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी पूछा कि अन्य विभागों की कौन-कौन सी ट्रेनिंग ग्राम्य विकास संस्थानों में कराई जा रही हैं और उसका पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए।

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