गाजियाबाद के लोनी ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के सी-8 सेक्टर में सरकारी भूमि पर बने एक अवैध मजार को जिला प्रशासन, पुलिस और यूपीसीडा की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित मजार राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं था और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाया गया था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई।
गाजियाबाद के लोनी स्थित ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई, जब प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सी-8 सेक्टर पहुंची। कुछ ही देर बाद बुलडोजर ने सरकारी भूमि पर बने एक अवैध मजार को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल एवं पीएसी की तैनाती की गई।
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित योजना के तहत की गई थी। संबंधित भूमि यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के अधिकार क्षेत्र में आती है और जांच के दौरान पाया गया कि जिस स्थान पर मजार बना हुआ था, उसका राजस्व अभिलेखों में कोई उल्लेख नहीं है। साथ ही निर्माण के लिए किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति भी नहीं ली गई थी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों के अनुसार राजस्व विभाग, यूपीसीडा और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त जांच में यह पुष्टि हुई कि संबंधित मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित था और उसका कोई राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया, जिसके तहत बुलडोजर चलाकर पूरे निर्माण को हटाया गया।
सुबह से ही पुलिस छावनी में बदला इलाका
कार्रवाई से पहले ही प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर लिए थे। पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी को भी तैनात किया गया था। आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
संयुक्त अभियान के दौरान अधिकारियों ने पूरे समय मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी की। प्रशासन की सतर्कता का ही परिणाम रहा कि पूरा अभियान बिना किसी विरोध या अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।

इन अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान
इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व एडीएम सिटी विकास कश्यप और एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने किया।
इसके अलावा अभियान के दौरान यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल, सीनियर मैनेजर एन.के. जैन, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम, राजस्व विभाग, यूपीसीडा तथा पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में बुलडोजर से पूरे अवैध निर्माण को हटाया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया—कई वर्षों से बना हुआ था मजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित मजार कई वर्षों से इस स्थान पर मौजूद था। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी निर्माण के पुराने होने मात्र से वह वैध नहीं हो जाता। यदि वह सरकारी भूमि पर बिना अनुमति और बिना राजस्व अभिलेख में दर्ज हुए बनाया गया है तो वह अतिक्रमण की श्रेणी में आता है और कानून के अनुसार उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा
कार्रवाई के बाद एडीएम सिटी विकास कश्यप ने कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भविष्य में भी जहां कहीं सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेगा, वहां इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने बताया कि संबंधित भूमि के सभी अभिलेखों की जांच की गई। राजस्व रिकॉर्ड, यूपीसीडा की रिपोर्ट तथा अन्य विभागीय दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण पूरी तरह अवैध था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर संपन्न कराई गई और किसी प्रकार की बाधा सामने नहीं आई।

यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों की भूमि का उपयोग केवल निर्धारित औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यूपीसीडा भविष्य में भी औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान जारी रखेगा।
कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या विरोध की सूचना नहीं मिली।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। चाहे मामला औद्योगिक क्षेत्र का हो या किसी अन्य सरकारी संपत्ति का, यदि निर्माण राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं है और नियमानुसार स्वीकृत नहीं है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने यह भी दोहराया कि भविष्य में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ऐसे संयुक्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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