उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चंडीगढ़ में बिक्री के लिए निर्धारित 142 पेटियों में 2808 बोतल अंग्रेजी शराब, एक पिकअप वाहन और मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में बिहार तक फैले तस्करी नेटवर्क और फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है।
उत्तर प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ लखनऊ इकाई ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय बताए जा रहे शराब तस्करी गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। बरामद शराब की खेप चंडीगढ़ में बिक्री के लिए निर्धारित थी, जिसे उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार ले जाया जा रहा था।
एसटीएफ की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि तस्कर पुलिस से बचने के लिए किस तरह नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
एसटीएफ को पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर बिहार में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इन सूचनाओं के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र राय के पर्यवेक्षण में एसटीएफ लखनऊ की टीम लगातार खुफिया जानकारी जुटा रही थी।
निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक वीरेन्द्र सिंह यादव तथा उनकी टीम उन्नाव जनपद में निगरानी कर रही थी। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि चंडीगढ़ की अंग्रेजी शराब से लदी एक पिकअप औरास थाना क्षेत्र के टिकरा बाव गांव से होकर बिहार की ओर जाएगी।
सूचना मिलते ही एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से जाल बिछाया। कुछ देर बाद संदिग्ध पिकअप वाहन दिखाई दिया, जिसे रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान पुलिस भी हैरान रह गई। वाहन में ऊपर की ओर खरबूजे लदे हुए थे, जबकि नीचे सावधानी से 142 पेटियों में 2808 बोतल अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी गई थी। शराब की सभी बोतलों पर स्पष्ट रूप से "FOR SALE IN CHANDIGARH" अंकित था।

मौके से चालक रंजीत पुत्र सर्वेश, निवासी ग्राम टिकरा बाव, थाना औरास, जनपद उन्नाव को गिरफ्तार कर लिया गया।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर की जा रही थी तस्करी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि पुलिस और परिवहन विभाग की जांच से बचने के लिए वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
गिरफ्तार आरोपी के अनुसार बरामद पिकअप उसी की है और शराब की खेप को छिपाने के लिए ऊपर से खरबूजे लाद दिए गए थे, ताकि किसी को संदेह न हो।
बिहार में शराबबंदी का उठा रहे थे फायदा
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों अजय और विपिन के साथ मिलकर लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार कर रहा था।
आरोपी ने बताया कि शराब को कम कीमत पर खरीदकर बिहार पहुंचाया जाता था, जहां शराबबंदी लागू होने के कारण इसकी ऊंचे दामों पर बिक्री होती थी। इससे तस्करों को मोटा मुनाफा मिलता था।
उसने यह भी स्वीकार किया कि यात्रा के दौरान पेट्रोल और अन्य खर्चों के लिए उसके साथी यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजते थे।
साथियों की तलाश जारी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब की खेप विपिन के माध्यम से औरिलिया गांव स्थित एक व्यक्ति कल्लोज के यहां से लोड कराई गई थी।
एसटीएफ अब आरोपी द्वारा बताए गए साथियों अजय और विपिन की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बरामदगी का पूरा विवरण
एसटीएफ द्वारा की गई कार्रवाई में निम्नलिखित सामान बरामद किया गया—
- 142 पेटियां (2808 बोतल) अवैध अंग्रेजी शराब
- एक पिकअप वाहन (UP32 WN 6732)
- एक मोबाइल फोन
- वाहन पर लगी फर्जी नंबर प्लेट

मामला दर्ज, कानूनी कार्रवाई शुरू
इस मामले में थाना औरास, जनपद उन्नाव में मु0अ0सं0 169/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा आबकारी अधिनियम की धारा 60, 63 और 72 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि स्थानीय पुलिस और एसटीएफ संयुक्त रूप से आगे की जांच कर रही हैं।
एसटीएफ की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश से बिहार तक सक्रिय शराब तस्करी के नेटवर्क पर यह कार्रवाई बड़ी चोट साबित हो सकती है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध तस्करी लगातार कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई है।
एसटीएफ का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और अवैध शराब कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की वित्तीय कड़ियों, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। संभावना है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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