लखनऊ स्थित इंदिरा भवन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान 25 प्रकरणों पर सुनवाई। कार्यभार न दिलाने, भूमि सीमांकन, नक्शा पास न होने और निष्पक्ष जांच जैसे मामलों में आयोग ने दिए सख्त निर्देश।
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Uttar Pradesh Backward Classes State Commission के अध्यक्ष Rajesh Verma ने गुरुवार को इंदिरा भवन स्थित आयोग कार्यालय में विभिन्न जनपदों से प्राप्त 25 शिकायतों एवं पत्रावलियों पर विस्तृत जनसुनवाई की। सुनवाई के दौरान कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए गए, वहीं कुछ प्रकरणों में मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित कराई गई।
कार्यभार न दिलाने पर नाराजगी
लखनऊ निवासी रामआसरे सिंह ने शिकायत की थी कि उपनिदेशक, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मिशन पद पर चयन के बावजूद उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया। इस पर आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान निदेशक कौशल विकास मिशन की अनुपस्थिति पर अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त की और उपस्थित अधिकारी को निर्देश दिया कि कार्यभार ग्रहण कराने के उपरांत आयोग को अवगत कराया जाए।

भूमि सीमांकन और पत्थरगड़ी से निस्तारण
आजमगढ़ निवासी सोहित यादव के मामले में उपजिलाधिकारी ने आयोग को सूचित किया कि भूमि सीमांकन कर पत्थरगड़ी की कार्रवाई पूर्ण कर दी गई है और प्रकरण का निस्तारण कर दिया गया है। आयोग ने इस पर संतोष व्यक्त किया।
सहारनपुर प्रकरण में एफआईआर के निर्देश
सहारनपुर के राजीव सैनी द्वारा विकास प्राधिकरण की ओर से नक्शा पास न किए जाने की शिकायत पर भी सुनवाई हुई। इस मामले में आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए पैरामाउंट हाउसिंग सोसाइटी के निदेशक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
निष्पक्ष जांच के लिए विवेचना स्थानांतरित
बाराबंकी निवासी प्रवीन कुमार के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक की ओर से जानकारी दी गई कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विवेचना क्षेत्राधिकारी फतेहपुर से हटाकर क्षेत्राधिकारी हैदरगढ़ को सौंप दी गई है। आयोग ने इस कदम को पारदर्शिता की दिशा में उचित बताया।

बरेली प्रकरण का निस्तारण
बरेली के जगन्नाथ प्रसाद गंगवार के मामले में अधिकारियों ने बताया कि प्लॉट आवंटन के बाद रजिस्ट्री कर कब्जा लिया जा सकता है। इस आश्वासन के बाद शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।
अन्य मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त अन्य शिकायतों में भी संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता एवं न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
इंदिरा भवन में हुई यह जनसुनवाई आमजन के लिए राहत का संदेश लेकर आई है, जहां प्रशासनिक जवाबदेही और त्वरित समाधान की दिशा में आयोग ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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