विश्व धरोहर दिवस पर मऊ में मंत्री ए. के. शर्मा ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण का आह्वान किया।
विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने मऊ स्थित मंगलम भवन परिसर में पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने न केवल वृक्षारोपण किया, बल्कि लोगों को प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी संदेश दिया। कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।
पेड़ हैं जीवन का आधार—मंत्री का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के मूल आधार हैं।
उन्होंने कहा कि पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जो जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही ये पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।
स्वस्थ पर्यावरण से ही स्वस्थ जीवन संभव
मंत्री ने अपने संबोधन में पर्यावरण और स्वास्थ्य के बीच के गहरे संबंध को भी स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण से ही शुद्ध वायु प्राप्त होती है, और शुद्ध वायु से ही स्वस्थ जीवन संभव है।
उनके अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है।

पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की जरूरत
ए. के. शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण को व्यापक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इसे केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे जन-आंदोलन का रूप देना होगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए प्रयास करें।
आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी
मंत्री ने पर्यावरण को एक अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि इसे सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी का यह कर्तव्य है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करे।
उनके अनुसार, यदि अभी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

कार्यक्रम में रही व्यापक भागीदारी
इस अवसर पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर पौधारोपण अभियान में हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज और सरकार मिलकर काम करते हैं, तो बड़े बदलाव संभव होते हैं।
विश्व धरोहर दिवस का महत्व
विश्व धरोहर दिवस का उद्देश्य सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
इस दिन आयोजित इस तरह के कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि लोगों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास भी कराते हैं।मऊ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ए. के. शर्मा का संदेश स्पष्ट है—
यदि हमें अपना भविष्य सुरक्षित रखना है, तो आज ही प्रकृति की रक्षा करनी होगी।
अब यह समाज पर निर्भर करता है कि वह इस संदेश को कितनी गंभीरता से अपनाता है।
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