लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने राजधानी की पांच महत्वाकांक्षी शहरी विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए अर्बन चैलेंज फंड (UCF) से वित्तीय सहायता का दावा पेश किया है। दिल्ली से आई यूसीएफ टीम के साथ हुई बैठक में वरूण विहार आवासीय योजना, 1090 चौराहा फ्लाईओवर, पत्रकारपुरम मल्टीलेवल पार्किंग, बहुमंजिला लाइब्रेरी और कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स के पुनर्विकास का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आने वाले वर्षों में आधुनिक शहरी विकास का नया मॉडल बन सकती है। लाखों लोगों के आवास, बेहतर यातायात, पार्किंग, शिक्षा और व्यावसायिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने पांच बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। इन परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती देने के लिए अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund-UCF) से सहायता मांगी गई है।
इसी क्रम में गुरुवार को दिल्ली से आई यूसीएफ टीम ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में सभी प्रस्तावित परियोजनाओं का तकनीकी और वित्तीय प्रस्तुतीकरण किया गया, ताकि इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में पारिजात सभागार में आयोजित बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार, मुख्य अभियंता महेश वर्मा, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार तथा अर्बन चैलेंज फंड की टीम के सदस्य मृत्युंजय जायसवाल, दीपू टॉम और नीरजा गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग सुनिश्चित करना था, जो राजधानी की आधारभूत संरचना को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं।
क्या है अर्बन चैलेंज फंड योजना?
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक अर्बन चैलेंज फंड (UCF) योजना संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत शहरी विकास परियोजनाओं के लिए कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य शहरों में आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत ढांचा विकसित करना है।
इसी योजना के तहत एलडीए ने अपनी पांच प्रमुख परियोजनाओं के लिए आवेदन किया है।

6580 एकड़ में विकसित होगा वरूण विहार, लाखों परिवारों को मिलेगा आशियाना
बैठक में सबसे पहले वरूण विहार आवासीय योजना का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे लगभग 6580 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी। एलडीए का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।
योजना के पहले चरण में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इस चरण के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत वित्तीय सहयोग अर्बन चैलेंज फंड से मांगा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में लखनऊ के सबसे बड़े नियोजित आवासीय क्षेत्रों में शामिल हो सकती है।
1090 चौराहे की ट्रैफिक समस्या का समाधान बनेगा 2.3 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर
राजधानी के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में शामिल 1090 चौराहा भी एलडीए की प्राथमिकता में है।
प्रस्ताव के अनुसार बैकुण्ठ धाम से लामार्टीनियर ग्राउंड तक लगभग 2.3 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
इस परियोजना पर लगभग 330 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
एलडीए का दावा है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से लगभग 10 लाख शहरी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इससे रोजाना लगने वाले जाम में कमी आएगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात अधिक सुगम होगा।
पत्रकारपुरम में बनेगी आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग
बढ़ते वाहनों और पार्किंग संकट को देखते हुए पत्रकारपुरम में 30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है।
एलडीए ने इस परियोजना के लिए भी अर्बन चैलेंज फंड से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है।
इस पार्किंग के निर्माण से आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
हनुमान सेतु के पास बनेगी आधुनिक बहुमंजिला लाइब्रेरी
शिक्षा और अध्ययन के क्षेत्र में भी एलडीए बड़ी पहल करने जा रहा है।
हनुमान सेतु के निकट 2592 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अत्याधुनिक बहुमंजिला लाइब्रेरी का निर्माण प्रस्तावित है।
यह लाइब्रेरी लखनऊ विश्वविद्यालय के समीप होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों, शोधार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

इस परियोजना पर लगभग 58.78 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस यह लाइब्रेरी राजधानी में ज्ञान और शोध का नया केंद्र बन सकती है।
कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स का होगा व्यापक पुनर्विकास
बैठक में कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स के व्यापक पुनर्विकास का प्रस्ताव भी रखा गया।
करीब 195 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए भी अर्बन चैलेंज फंड से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया गया है।
एलडीए का उद्देश्य इस कॉम्पलेक्स को आधुनिक व्यावसायिक और नागरिक सुविधाओं से युक्त विकसित करना है, जिससे क्षेत्र की उपयोगिता और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सके।
राजधानी के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन पांचों परियोजनाओं को अर्बन चैलेंज फंड से अपेक्षित वित्तीय सहायता मिल जाती है, तो लखनऊ की आधारभूत संरचना में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
एक ओर लाखों लोगों को आधुनिक आवास मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और शैक्षणिक सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों का भी समाधान होगा। साथ ही पुनर्विकास परियोजनाएं शहर की आर्थिक गतिविधियों और निवेश को भी नई गति दे सकती हैं।
अब निगाहें अर्बन चैलेंज फंड की स्वीकृति प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले वर्षों में लखनऊ का शहरी विकास एक नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है।
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