गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में छपरौला-दादरी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं की समीक्षा की। एनएच-91 पर ड्रेनेज कार्य में देरी, पुराने विद्युत उपकेंद्र में जलभराव, अग्निशमन व्यवस्था और नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल छपरौला-दादरी इंडस्ट्रियल एरिया की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक के दौरान स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिले के औद्योगिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की बाधा अब स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर तय समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करना होगा।
बैठक में छपरौला-दादरी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। इन समस्याओं में राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर ड्रेनेज निर्माण कार्य में हो रही देरी, पुराने विद्युत उपकेंद्र में जलभराव, औद्योगिक क्षेत्र में अग्निशमन वाहन की अनुपलब्धता तथा नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्शन-4 से संबंधित लंबित मामलों को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक के दौरान सबसे गंभीर मुद्दा राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर चल रहे ड्रेनेज निर्माण कार्य का रहा। उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि कार्य में लगातार हो रही देरी के कारण बरसात के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ जाती है, जिससे मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

जिलाधिकारी ने इस विषय पर विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जब यह जानकारी सामने आई कि एनएचएआई का संबंधित ठेकेदार बैठक में उपस्थित नहीं हुआ, तो उन्होंने इस पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठेकेदार की अनुपस्थिति और कार्य में हो रही देरी की जानकारी शासन एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जलभराव और बिजली व्यवस्था पर भी हुई चर्चा
बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने पुराने विद्युत उपकेंद्र में जलभराव की समस्या को भी प्रमुखता से रखा। उनका कहना था कि बारिश के समय उपकेंद्र के आसपास पानी भरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना रहता है, जिससे उत्पादन गतिविधियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक तकनीकी उपाय तत्काल लागू किए जाएं।
औद्योगिक क्षेत्र में अग्निशमन वाहन की मांग
औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां संचालित होने के बावजूद स्थायी अग्निशमन वाहन उपलब्ध न होने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी औद्योगिक दुर्घटना या आग लगने की स्थिति में समय पर राहत कार्य शुरू करना बेहद आवश्यक होता है।

इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा आवश्यकताओं का आकलन करते हुए अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत किया जाए और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
नोएडा प्राधिकरण और पुलिस के समन्वय से होंगे समाधान
बैठक में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्शन-4 से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन मामलों के समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि उद्योगों के सामने आने वाली प्रशासनिक और व्यावहारिक बाधाओं का शीघ्र समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय की कमी के कारण उद्योगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए।
'उद्योगों की रफ्तार नहीं रुकनी चाहिए'
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले के औद्योगिक और व्यापारिक हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसी भी विभाग की लापरवाही या समन्वय की कमी के कारण उद्योगों का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों की सूची तैयार कर उनकी समय-सीमा निर्धारित की जाए और नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जाए।
उद्योग प्रतिनिधियों से नियमित संवाद के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योग प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, ताकि नई समस्याओं की समय रहते पहचान हो सके और उनका प्रभावी एवं स्थायी समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय जिले के औद्योगिक विकास को नई गति देगा और निवेशकों का विश्वास भी मजबूत होगा।
औद्योगिक विकास को मिलेगा नया संबल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन होता है, तो छपरौला-दादरी औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। बेहतर सड़क, जलनिकासी, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था न केवल मौजूदा उद्योगों को राहत देगी बल्कि भविष्य में नए निवेश को भी आकर्षित करेगी।
औद्योगिक क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं में सुधार होने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में डिप्टी कलेक्टर विवेक भदोरिया, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक दुबे, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा छपरौला-दादरी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
प्रशासन का कहना है कि उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे भी इस प्रकार की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और जिले का औद्योगिक वातावरण और अधिक सुदृढ़ बन सके।
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