मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मैंगो फेस्टिवल-2026 का उद्घाटन करते हुए उत्तर प्रदेश के आमों को वैश्विक गुणवत्ता, भरोसे और ब्रांडिंग का प्रतीक बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने अधिक से अधिक आम की किस्मों को GI टैग दिलाने, AI आधारित स्मार्ट हॉर्टिकल्चर, जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और निर्यात को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल आम उत्पादन में 26 प्रतिशत योगदान देता है और अब लक्ष्य दुनिया की सबसे मजबूत मैंगो वैल्यू चेन बनाना है।
उत्तर प्रदेश के आम को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मैंगो फेस्टिवल-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के किसानों, उद्यान विभाग और कृषि विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए स्पष्ट कहा कि अब लक्ष्य केवल आम का अधिक उत्पादन करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आमों को विश्वस्तरीय गुणवत्ता, भरोसे, ब्रांडिंग और निर्यात का प्रतीक बनाना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और 800 से अधिक किस्मों के आमों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और अब इस ताकत को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का समय आ गया है।
उत्पादन से आगे बढ़कर ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, उत्पाद की ट्रेसबिलिटी, जैविक प्रमाणन और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि दुनिया के बाजारों में वही उत्पाद टिकते हैं जिन पर उपभोक्ताओं को भरोसा होता है। इसलिए किसान से लेकर निर्यात तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
एक बाग से कई गुना बढ़ सकती है किसानों की आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम का एक बाग केवल फल उत्पादन तक सीमित नहीं है। यदि आधुनिक तकनीक और मूल्य संवर्धन को अपनाया जाए तो वही बाग फूड प्रोसेसिंग, जैविक उत्पाद, मधुमक्खी पालन, कृषि पर्यटन, निर्यात और खाद्य उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में कई गुना वृद्धि संभव है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
800 से अधिक किस्मों ने बनाया मैंगो फेस्टिवल को खास
इस वर्ष आयोजित मैंगो फेस्टिवल में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों की 800 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया गया।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वाराणसी और गोरखपुर का लंगड़ा, गोरखपुर का गौरजीत, बस्ती की अम्रपाली, लखनऊ के मलिहाबाद का दशहरी तथा बागपत और सहारनपुर का रटौल आम का उल्लेख करते हुए कहा कि इन किस्मों की खुशबू और स्वाद प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में उगने वाली आम की विविध किस्में उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक संपन्नता और किसानों की मेहनत का प्रमाण हैं।

किसानों से सीधा संवाद, प्राकृतिक खेती की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सम्मानित किसानों से बातचीत की और उनके खेती के अनुभवों को जाना।
उन्होंने एक उद्यान किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार प्राकृतिक तरीके से कीट नियंत्रण कर बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई किसान नवाचार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने अनुभव साझा करने का मंच नहीं मिल पाता। सरकार ऐसे मंचों का विस्तार करेगी ताकि एक किसान का अनुभव दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन सके।
प्रति एकड़ 2 से 3 लाख रुपये तक का मुनाफा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में आम की खेती से किसान प्रति एकड़ लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक का लाभ कमा रहे हैं।
यदि इसमें प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात को जोड़ा जाए तो किसानों की आय और अधिक बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि मैंगो फेस्टिवल केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि किसानों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

मलिहाबाद के GI टैग से मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मलिहाबाद के दशहरी आम को मिला GI टैग उसकी वैश्विक पहचान का आधार बना।
इसी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने उद्यान विभाग को निर्देश दिया कि प्रदेश की अधिक से अधिक आम की किस्मों को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
उनका मानना है कि इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और नकली उत्पादों पर भी रोक लगेगी।
'काकोरी ब्रांड' बनेगा किसानों की पहचान
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'काकोरी ब्रांड' का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक ब्रांड नहीं बल्कि काकोरी के अमर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि यह ब्रांड किसानों की मेहनत की मिठास और राष्ट्रभक्ति दोनों का प्रतीक बनेगा।\

26 प्रतिशत आम उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल आम उत्पादन का 26 प्रतिशत योगदान देता है।
प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों और 825 विकासखंडों में आम की खेती की जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में 100 ग्राम से लेकर लगभग 2 किलोग्राम तक वजन वाले आम भी प्रदर्शित किए गए हैं, जो प्रदेश की जैव विविधता को दर्शाते हैं।
अब AI, ड्रोन और सैटेलाइट से होगी स्मार्ट बागवानी
मुख्यमंत्री ने भविष्य की कृषि का खाका भी प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि बागवानी में AI आधारित ड्रोन, सैटेलाइट मैपिंग, सेंसर आधारित सिंचाई, प्रिसिजन फार्मिंग और डिजिटल मंडियों का व्यापक उपयोग किया जाए।
इससे उत्पादन लागत घटेगी और गुणवत्ता बेहतर होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनेगा परीक्षण एवं उपचार पार्क
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निकट इंटीग्रेटेड टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट पार्क स्थापित किया जाएगा।
इससे प्रदेश के फल और अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगा।

फ्रूट कवर बैग तकनीक से बढ़ेगी गुणवत्ता
मुख्यमंत्री ने बताया कि आम की गुणवत्ता सुधारने के लिए फ्रूट कवर बैग तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।
उद्यान विभाग अब तक किसानों को 1.5 करोड़ से अधिक फ्रूट कवर बैग वितरित कर चुका है।
इस तकनीक से फल की गुणवत्ता बेहतर होती है और कीटों से सुरक्षा भी मिलती है।
हर जिले में बने कोल्ड चेन और प्रोसेसिंग यूनिट
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में कोल्ड चेन, पैक हाउस, रिपनिंग सेंटर, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और निर्यात सुविधाएं विकसित की जाएं।
इन परियोजनाओं को उद्यान विभाग के साथ-साथ PPP मॉडल के माध्यम से भी आगे बढ़ाया जाएगा।
महिला स्वयं सहायता समूह निभाएंगे अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह आम आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
दुनिया के कई देशों में पहुंच चुका है यूपी का आम
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आम वर्तमान में ब्रिटेन, यूएई, कुवैत, मलेशिया, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, रूस, कतर सहित अनेक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि APEDA जैसी संस्थाएं विदेशी खरीदारों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर रही हैं।
ODOP और मैंगो टूरिज्म को मिलेगा नया विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ODOP योजना के साथ आम आधारित उत्पादों को जोड़कर नई संभावनाएं विकसित की जाएंगी।
उन्होंने जुलाई माह में गांवों और विद्यालयों में होने वाले पारंपरिक आम भोज का उल्लेख करते हुए कहा कि अब मैंगो टूरिज्म को भी नई पहचान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने किसानों से कृषि उद्यमी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि नवाचार, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण से ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का सपना साकार होगा।
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