ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की “संभव” जनसुनवाई में 100 से अधिक शिकायतों का त्वरित समाधान, लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।
उत्तर प्रदेश में पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में एक और बड़ा कदम सामने आया है। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा द्वारा शुरू की गई “संभव” ऑनलाइन शिकायत निस्तारण प्रणाली अब जनता के लिए एक सशक्त हथियार बनकर उभरी है। 14 अप्रैल 2026 को मऊ जिले के बहुउद्देशीय भवन ‘मंगलम’ में आयोजित जनसुनवाई में इस पहल का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां 100 से अधिक शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान मौके पर ही किया गया।
इस जनसुनवाई की खास बात यह रही कि इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन माध्यम से सीधे मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। “संभव” प्रणाली के जरिए शिकायतकर्ता और अधिकारी आमने-सामने जुड़े, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी बल्कि समस्याओं के समाधान में होने वाली देरी भी खत्म हुई।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर उपभोक्ताओं के साथ अन्याय हुआ, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान कई गंभीर मामलों में कड़े कदम उठाए गए। बाराबंकी जिले में एक उपभोक्ता से अत्यधिक राशि का गलत एस्टीमेट बनाए जाने का मामला सामने आया, जिस पर मंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित लाइनमैन को हटाने, जूनियर इंजीनियर (JE) को निलंबित करने और अधिशासी अभियंता के खिलाफ नियम 10 के तहत कार्रवाई के साथ स्थानांतरण के निर्देश दिए।

इसी तरह, महाराजगंज में एस्टीमेट जमा करने के बावजूद विद्युत कनेक्शन न दिए जाने पर संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए गए। बरेली और मेरठ के मामलों में भी मंत्री ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवाएं देना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार राजेश राय के मामले में मंत्री ने विधिक राय लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं उन्नाव में स्मार्ट मीटर से जुड़ी बिलिंग समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी उपभोक्ताओं को सही और समय पर बिल उपलब्ध कराया जाए।
ऊर्जा मंत्री ने झांसी, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर और मथुरा जिलों में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मथुरा जैसे धार्मिक और आस्था केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस जनसुनवाई में स्मार्ट मीटर, बिलिंग और नए कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं पर विशेष फोकस रखा गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि इन मुद्दों पर पारदर्शिता बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।

गर्मी के मौसम को देखते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और विशेष रूप से शाम के समय अनावश्यक कटौती पूरी तरह बंद की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उपभोक्ताओं के साथ संवाद बढ़ाएं और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिकायतकर्ताओं ने “संभव” पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में अत्यंत प्रभावी और भरोसेमंद मंच बताया। लोगों ने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान तेज और पारदर्शी तरीके से हो रहा है।
कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें अध्यक्ष आशीष गोयल, यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार, ट्रांसमिशन के एमडी मयूर माहेश्वरी और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार शामिल थे। इसके अलावा सभी डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों के अधिकारी वर्चुअल एवं भौतिक रूप से इस कार्यक्रम से जुड़े रहे।
कुल मिलाकर “संभव” प्रणाली ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाया जा सकता है। यह पहल न केवल शिकायत निस्तारण का माध्यम बनी है, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच भरोसे का एक मजबूत सेतु भी बन रही है।
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