नई दिल्ली में आयोजित CII Annual Business Summit-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के बदलते आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य की विस्तृत तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि यूपी ने पिछली सरकारों की अव्यवस्थाओं को खत्म कर मजबूत नींव तैयार की है और अब डबल इंजन सरकार “बुलेट ट्रेन की स्पीड” से विकास को आगे बढ़ाएगी। वहीं उद्योग जगत ने भी योगी मॉडल की खुलकर सराहना करते हुए यूपी को निवेश, सुशासन और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बताया।
नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई (Confederation of Indian Industry) की वार्षिक बिजनेस समिट-2026 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आर्थिक, औद्योगिक और प्रशासनिक परिवर्तन का विस्तृत विजन पेश करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति उसकी मैन्युफैक्चरिंग शक्ति पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मजबूत उद्योग और उद्यमिता ही रोजगार, निवेश और समृद्धि का आधार बनते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश ने अभी तक केवल मजबूत नींव तैयार की है और पिछली सरकारों द्वारा छोड़े गए “पाप के गड्ढों” को भरने का कार्य किया है। अब समय है कि डबल इंजन सरकार विकास को “बुलेट ट्रेन की गति” से आगे बढ़ाए।

उन्होंने भारत की सामरिक और आर्थिक शक्ति को वैश्विक मानवता के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि “जिसके पास शक्ति होगी, वही करुणा और मैत्री का मार्ग भी प्रशस्त कर पाएगा।” योगी ने कहा कि केवल हाथ फैलाने या गिड़गिड़ाने से दुनिया किसी देश को गंभीरता से नहीं लेती, बल्कि शक्ति और आत्मनिर्भरता ही सम्मान दिलाती है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज ही के दिन 75 वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा हुई थी और इसी दिन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने पोखरण परमाणु परीक्षण कर भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत केवल सैन्य क्षमता नहीं, बल्कि वैश्विक कल्याण का माध्यम भी है।
“उत्तर प्रदेश पर लगे थे अनेक प्रश्नचिह्न”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। प्रदेश का नाम सुनते ही लोग दूरी बनाने लगते थे। हर वर्ष 300 से अधिक दंगे होते थे, गुंडा टैक्स वसूला जाता था और उद्यमी पलायन करने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि “प्रदेश के नाम के आगे उत्तर था, लेकिन खुद उस पर अनेक प्रश्नचिह्न लगे हुए थे।”

उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि 2017 से पहले लोग अंधेरा होते ही सड़कों पर गड्ढे देखकर समझ जाते थे कि यूपी का बॉर्डर आ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था की बदहाल स्थिति ने प्रदेश की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया था।
“मठ प्रबंधन का अनुभव प्रदेश चलाने में बना मददगार”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 में उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी, तब उनके पास प्रशासनिक अनुभव नहीं था। हालांकि गोरखनाथ मठ के संचालन से मिले अनुशासन और प्रबंधन के अनुभव ने उन्हें प्रदेश संचालन में मदद की।
उन्होंने कहा कि किसी भी मठ में समय, वित्त और सुरक्षा का सख्त अनुशासन होता है और उसी मॉडल को उन्होंने शासन व्यवस्था में लागू किया। योगी ने कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता सुरक्षा का वातावरण बनाना, रूल ऑफ लॉ लागू करना और पॉलिसी पैरालिसिस खत्म करना था।
उन्होंने प्रयागराज का उदाहरण देते हुए कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब एक माफिया ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के काफिले को रुकवा दिया था, लेकिन आज प्रदेश में कोई माफिया ऐसा दुस्साहस नहीं कर सकता।

निवेश, एमएसएमई और ओडीओपी बना विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था सुधारने के साथ सरकार ने कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों में बड़े स्तर पर बदलाव किए। किसानों की आत्महत्या रोकने, खेती को तकनीक से जोड़ने और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए विशाल लैंड बैंक तैयार किया और उद्योगों के लिए स्पष्ट नीतियां लागू कीं। 2018 में शुरू की गई “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” (ODOP) योजना को उन्होंने प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताया।
योगी ने कहा कि ओडीओपी के जरिए डिजाइन, पैकेजिंग, तकनीक और ब्रांडिंग को बढ़ावा मिला है। आज प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं जो करीब 3 करोड़ युवाओं को रोजगार दे रही हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें महाकुंभ में शामिल हुए 66-67 करोड़ श्रद्धालु भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, नैमिषारण्य और बौद्ध-जैन सर्किट को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकल चुका है और देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है।
उद्योग जगत ने की योगी मॉडल की सराहना
सीआईआई समिट में उद्योग जगत ने भी योगी सरकार के कार्यों की खुलकर तारीफ की।

सीआईआई महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस, लॉजिस्टिक्स और युवाओं का सशक्तीकरण यूपी को नई दिशा दे रहा है।
सीआईआई अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में “फिनोमिनल ट्रांसफॉर्मेशन” देखने को मिला है। अब उद्योग जगत यूपी को पूरी तरह नए नजरिए से देख रहा है और देश-विदेश के निवेशक यहां निवेश करना चाहते हैं।
समिट में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं का विशेष उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन परियोजनाओं ने यूपी की कनेक्टिविटी और औद्योगिक संभावनाओं को पूरी तरह बदल दिया है।
अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकुंभ जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को भी उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और बड़े आयोजनों के सफल प्रबंधन का उदाहरण बताया गया।
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