कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने लखनऊ में यूपी सरकार के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की, जिससे राज्य को वैश्विक निवेश हब बनाने की दिशा में नई गति मिली।
उत्तर प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने और 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ का दौरा किया, जिससे निवेश और वैश्विक साझेदारी को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह ने किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित ‘इन्वेस्ट यूपी’ मुख्यालय का दौरा किया, जहां अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और शैक्षणिक नवाचार जैसे अहम क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और कनाडा के बीच द्विपक्षीय निवेश और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करना था। बैठक के दौरान ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने राज्य के मजबूत निवेश इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।
इस अवसर पर यूपी की प्रगतिशील नीतियों—एफडीआई नीति 2023 और जीसीसी नीति 2024—की सफलता को भी साझा किया गया। इन नीतियों के चलते कई वैश्विक फॉर्च्यून-500 कंपनियों ने राज्य में निवेश की रुचि दिखाई है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रगति को प्रमुखता से रेखांकित किया गया, जिसमें छह रणनीतिक नोड्स और ब्रह्मोस मिसाइल जैसी उन्नत विनिर्माण क्षमताएं शामिल हैं। यह कॉरिडोर राज्य को एक वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने इस दौरान भारत-कनाडा व्यापार संबंधों को और विस्तार देने की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इसमें तेजी से वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, एलएनजी/एलपीजी, क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और ‘विकसित भारत 2027’ के लक्ष्य के अनुरूप हैं।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व को भी रेखांकित किया और बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीकी साझेदारी की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने शैक्षणिक सहयोग को भी अहम बताते हुए कहा कि कनाडा के अग्रणी शिक्षण संस्थानों और उत्तर प्रदेश के बीच साझेदारी से कौशल विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिभा के आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल में कर्नल स्टीफन मरे (रक्षा सलाहकार), रोहित शुक्ला (राजनीतिक एवं आर्थिक अधिकारी) और सुमेन मंडल (व्यापार आयुक्त) भी शामिल रहे। बैठक में यूपीनेडा के निदेशक इंदरजीत सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद, एसीईओ शशांक चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस दौरे के दौरान उच्चायुक्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की। इस बैठक में निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में उपलब्ध निवेश-अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और नीतिगत सुधारों का उल्लेख करते हुए कनाडा की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और ब्रह्मोस परियोजना का जिक्र करते हुए राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया।
उच्चायुक्त कूटर ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे यह वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य बन गया है।
दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा। यह सहयोग न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि भारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
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