उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसके तहत यदि बिल्डर समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं देते हैं, तो उन्हें खरीदारों की जमा राशि ब्याज सहित लौटानी होगी। इस कदम से लगभग 5,000 खरीदारों को लाभ मिलेगा। यूपी रेरा ने 5,268 बिल्डरों के खिलाफ 1,550 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश दिया है। खरीदार अब रेरा में शिकायत करके अपना पैसा वापस प्राप्त कर सकते हैं, और बिल्डरों को स्ट्रक्चरल डिफेक्ट की स्थिति में भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यह निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।
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क्या है निर्णय का मुख्य बिंदु?
वसूली का आदेश: यूपी रेरा के निर्देश पर 5,268 बिल्डरों से 1,550 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी।
ब्याज सहित वापसी: समय सीमा के भीतर फ्लैट नहीं देने वाले बिल्डरों को खरीदारों का पैसा ब्याज के साथ लौटाना होगा।
क्या करें यदि आपका फ्लैट अटका है?
रेरा में शिकायत करें: अगर आपने किसी बिल्डर से फ्लैट बुक कराया है और वह समय पर कब्जा नहीं दे रहा, तो रेरा में शिकायत दर्ज कराएं।
समय सीमा: रेरा आपकी शिकायत का 60 दिनों के भीतर निपटारा करेगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया: यूपी रेरा की वेबसाइट www.up-rera.in पर जाकर आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
संरचनात्मक दोषों की शिकायत
अगर आपको कब्जा मिलने के पांच साल के भीतर प्रॉपर्टी में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट मिलता है, तो आप रेरा में शिकायत कर सकते हैं। बिल्डर को 30 दिनों के भीतर इसे ठीक करना होगा।
निष्कर्ष
यह निर्णय बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाने और खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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